सरकारी विज्ञापनो पर निगरानी रखने वाली समिति ने दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को जारी किया नोटिस

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सरकारी विज्ञापनों को लेकर निगरानी रखने वाली सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को नोटिस जारी किया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी है।

दिल्ली

गौरतलब है कि, दिल्ली सरकार ने पिछले सप्ताह कक्षा 12वीं के नतीजों के संबंध में एक विज्ञापन जारी किया था, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों इसे निशाना बनाते हुए चिंता जाहिर की गई थी। लोगों ने इस विज्ञापन को ”राजनीतिक संदेश” करार दिया था। इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए समिति ने यह नोटिस जारी किया है।

दिल्ली सरकार की ओर से जारी विज्ञापन में कहा गया था, ”ऐतिहासिक, दिल्ली सरकार के विद्यालयों की 12वीं कक्षा के नतीजे… 98 फीसदी।” यह विज्ञापन 16 जुलाई को कई अखबारों में प्रकाशित हुआ था।

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस विज्ञापन की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह केवल राजनीतिक संदेश था और अन्य राज्यों में इस विज्ञापन के प्रकाशन पर भारी रकम खर्च करने का कोई मतलब नहीं था।

सरकारी विज्ञापन सामग्री नियामक समिति (सीसीआरजीए) ने दिल्ली सरकार को जारी नोटिस में विज्ञापन पर खर्च की गई रकम के साथ ही कई अन्य मुद्दों को लेकर जवाब मांगा है। नोटिस प्राप्त होने के 60 दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया है।

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “समिति ने दिल्ली सरकार के विज्ञापन पर सोशल मीडिया में उठाए गए बिंदुओं का संज्ञान लिया था- मुंबई के अखबारों में विज्ञापन जारी करने की दिल्ली सरकार की आवश्यकता पर सवाल उठाए गए थे और कहा था कि विज्ञापन का उद्देश्य केवल राजनीतिक संदेश के लिए था।”

दिल्ली सरकार को नोटिस का जवाब देने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है, ताकि वह विज्ञापन पर सरकारी खजाने की लागत के मुद्दों पर अपनी टिप्पणी प्रस्तुत कर सके।

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