नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर गुरुवार को देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। कर्नाटक के मंगलौर में हिंसक हुए प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए कथित तौर पर पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियों के कारण दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई।

उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क सहित 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। गुरुवार को भीड़ ने प्रदर्शन करते हुए एक बस को आग के हवाले कर दिया था, जबकि दूसरी में तोड़फोड़ की थी।
समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, संभल के एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि, “सपा सांसद के अलावा सपा के जिलाध्यक्ष फिरोज खान, नगर पालिका अध्यक्ष के पति हाजी शकील समेत 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।” फिरोज खान को आजम खान का बेहद करीबी माना जाता है।
अब तक संभल में दर्ज मामलों में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब भी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उधर संभल के सांसद शफीकुर्रहमान ने कहा, “गुरुवार को हुए प्रदर्शन में हमारे खिलाफ पुलिस ने बेवजह केस दर्ज किया है। वह बिल्कुल झूठा मामला है। हमारा किसी भी प्रदर्शन से कोई ताल्लुक नहीं है।”
Sambhal: An FIR has been registered against 17 people including Samajwadi Party leaders, MP Shafiqur Rahman Barq and Feroz Khan in connection with violence on December 19. #CitizenshipAmendmentAct pic.twitter.com/GtaQ5jUpTP
— ANI UP (@ANINewsUP) December 20, 2019
बता दें, संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ देश के कई शहरों में गुरुवार को निषेधाज्ञा आदेशों का उल्लंघन करते हुए छात्रों समेत हजारों की संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए। इस दौरान कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में हिंसा हुई जिनमें तीन लोगों की मौत हो गई। देशभर में सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। बता दें कि, लखनऊ में गुरुवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद जिले में इंटरनेट सेवाएं आधी रात के बाद से बंद कर गई हैं।