भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से प्याज की बढ़ी कीमतों को लेकर दिए बयान के बाद सरकार की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। इस बीच, प्याज की बढ़ी कीमतों को लेकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का भी बेतुका बयान सामने आया है। हमेशा अपने बयानों के लेकर मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले स्वास्थ्य और परिवार कल्याण केंद्रीय राज्य मंत्री और बक्सर से भाजपा सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि उन्होंने कभी प्याज नहीं चखा, इसलिए उन्हें कैसे पता होगा कि प्याज का क्या दाम है?
दरअसल, जब अश्विनी चौबे से निर्मला सीतारमण के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, ‘मैं शाकाहारी आदमी हूं और मैंने कभी प्याज चखा नहीं है, मेरे जैसे आदमी को क्या मालूम कि प्याज का क्या दाम है?’ इसके साथ ही उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान का भी बचाव किया।
बता दें कि, प्याज की बढ़ी कीमतों को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान पर घमासान छिड़ गया है। लोकसभा में प्याज खाने को लेकर कुछ सदस्यों के सवालों के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने कहा कि, ‘मैं इतना लहुसन, प्याज नहीं खाती हूं जी। सो डोंट वरी (So Don’t worry)। मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां प्याज से मतलब नहीं रखते।’
दरअसल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सांसद सुप्रिया सुले के सवालों का जवाब देते समय ही किसी सांसद ने निर्मला सीतरमण से पूछा कि ‘क्या आप प्याज खाती हैं’। सदस्यों के इस सवाल पर उन्होंने यह जवाब दिया था।
#WATCH "I am a vegetarian. I have never tasted an onion. So, how will a person like me know about the situation (market prices) of onions," says Union Minister Ashwini Choubey pic.twitter.com/cubekfUrYW
— ANI (@ANI) December 5, 2019
सीतारमण के बयान पर 106 दिन जेल में काटने के बाद बाहर आए पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा, ‘वित्तमंत्री ने कल कहा था कि वह प्याज नहीं खाती हैं, तो वह क्या खाती हैं? क्या वह एवोकैडो खाती हैं?’ बता दें कि, एवोकैडो एक प्रकार का फल है।
बता दें कि, देशभर में प्याज की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के बजट को बिगाड़ कर रख दिया है। दिल्ली समेत देश के अधिकतर इलाकों में प्याज 90 से 100 रुपए प्रति किलो बेचे जा रहे हैं। इसकी कीमतों पर अंकुश लगाने के सरकारी प्रयास विफल होते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है।