पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में दो जूनियर डॉक्टरों पर हमले के विरोध की आंच अब धीरे-धीरे पूरे देश में पहुंच गई है। देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद समेत कई शहरों के डॉक्टर्स कोलकाता के डॉक्टरों के समर्थन में आ गए हैं। डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है, मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसी बीच, लेखक चेतन भगत ने एक ट्वीट कर आंदोलनकारी डॉक्टरों का समर्थन किया। डॉक्टरों का समर्थन करने पर चेतन भगत सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए और लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरु कर दिया।
चेतन भगत ने शुक्रवार (14 जून) को ट्विटर पर लिखा, “मैं भारत के डॉक्टरों का समर्थन करता हूं, जो दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं। अपर्याप्त स्वास्थ्य प्रणाली की भरपाई के लिए वे अक्सर अथक प्रयास करते हैं। फिर भी उन्हें सभ्य जीवन जीने की कोशिश करने के लिए आंका गया, धमकाया गया, शर्मिंदा किया गया और उनके वास्तविक मुद्दों को नहीं सुना गया।” उन्होंने अपने इस ट्वीट के साथ हैशटैग #SupportIndianDoctors का भी इस्तेमाल किया।
उनका यह ट्वीट सोशल मीडिया यूजर्स को रास नहीं आया और लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरु कर दिया। कई लोगों को भगत के रुख के ‘पाखंड’ का उजागर किया। लोगों ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने भाजपा शासित राज्यों जैसे कि उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों पर किए गए अत्याचारों पर कोई स्टैंड लिया है।
I support India's doctors, who are amongst the best in the world. They work tirelessly, often to compensate for an inadequate healthcare system. Still they are judged, threatened, shamed for trying to make decent living and their genuine issues aren't heard. #SupportIndianDoctors
— Chetan Bhagat (@chetan_bhagat) June 14, 2019
सुप्रीम कोर्ट के वकील संजय हेगड़े ने व्यंग्य करते हुए लिखा, “हम गोरखपुर में यूपी सरकार द्वारा गलत तरीके से लक्षित किए जाने पर डॉ कफील और डॉ मिश्रा के आपके समर्थन का आभार व्यक्त करते हैं।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “क्या बात कर रहे हों भाई। हमे तो ऐसे doctors सिर्फ Movie मे ही देखे है। Real life मे तो mostly wicked ही मिले है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “अभी याद आ रहा है क्या? इतने साल क्या सो रहे थे। दलाल।”
बता दें कि, 2017 में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने डॉ कफील खान और बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ एसके मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ पूर्णिमा शुक्ला को मुख्य रूप से गृह शहर में सैकड़ों बच्चों की मौत में अपनी भूमिका को छिपाने के लिए गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के राजकीय एनआरएस अस्पताल में एक 75 वर्षीय मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों द्वारा जूनियर डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के बाद मंगलवार सुबह से ही वहां विरोध प्रदर्शन भड़क उठा और नियमित सेवाओं को ठप कर दिया गया। मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाया था। मारपीट में एक प्रशिक्षु परीबाहा मुखर्जी के सिर में गहरी चोट लगी है। उसे कोलकाता के पार्क सर्कस स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। तभी से एनआरएस के रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं।