सुप्रीम कोर्ट के 3 जजों के पैनल ने CJI रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत को किया खारिज

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सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी के यौन उत्पीड़न मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई को क्लीन चिट मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की आंतरिक जांच समिति ने सोमवार को चीफ जस्टिस के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत खारिज कर दी। बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने खुद अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोप को खारिज कर दिया था।

रंजन गोगोई
फाइल फोटो: रंजन गोगोई

मामले की जांच कर रहे सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के पैनल ने जस्टिस गोगोई पर लगे आरोपों को गलत पाया है। जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी के पैनल ने यह फैसला सुनाया। पैनल ने कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

सुप्रीम कोर्ट के सेक्रटरी जनरल की ओर से सोमवार को जारी बयान में बताया गया कि आंतरिक समिति ने अपनी रिपोर्ट 5 मई 2019 को सौंपी। आंतरिक प्रक्रिया के अनुसार अगले वरिष्ठ जज को यह रिपोर्ट दी गई और इसकी एक कॉपी संबंधित जज (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया) को भी भेजी गई।

बयान में आगे बताया गया, आंतरिक जांच समिति को सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व कर्मचारी द्वारा 19 अप्रैल 2019 को की गई शिकायत में लगाए गए आरोपों में कोई भी ठोस आधार नहीं मिला।’ प्रेस रिलीज में SC ने साफ कहा है कि कमिटी की रिपोर्ट के कॉन्टेंट्स (जो इन-हाउस प्रसीजर का हिस्सा है) को इंदिरा जयसिंह केस में सुप्रीम कोर्ट के 2003 के फैसले के अनुसार सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।

बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर आरोप लगाया था कि सीजेआई ने उनका यौन उत्पीड़न किया है। महिला के आरोप के बाद सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों का इन-हाउस पैनल मामले की जांच के लिए गठित किया गया। पैनल ने अपनी जांच में चीफ जस्टिस पर लगे आरोपों को गलत पाते हुए उनको क्लीन चिट दी है।

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