झारखंड के गढ़वा में हिरासत में लिए गए मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता और जाने माने अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज सहित उनके दो अन्य साथियों को पुलिस ने छोड़ दिया है। पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर विशुनपुरा थाने लाई थी, जहां उनसे पूछताछ करने के बाद सभी को छोड़ दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यां द्रेज गढ़वा जिले के विशुनपुरा में किसी कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। उनपर बिना प्रशासन की अनुमति के कार्यक्रम करने का आरोप है। ज्यां द्रेज को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने फेसबुक पेज पर इस खबर को शेयर करते हुए ज्यां द्रेज को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित झारखंड पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना पर चिंता जताई है। राहुल गांधी ने कहा कि मैं ज्यां द्रेज को हिरासत में लेने की खबर से बेहद चिंतित हूं। गरीबों और वंचितों के लिए काम करने वालों के खिलाफ बीजेपी ने युद्ध छेड़ रखा है।
ज्यां द्रेज गढ़वा जिले के विशुनपुरा में गरीबों के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे किसी कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वहां प्रशासन की ओर से किसी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं होने पर पुलिस ने उन्हें और उनके साथियों को हिरासत में ले लिया। तीन लोगों को पुलिस ने गढ़वा जिले से हिरासत में ले लिया। ये तीनों एक कार्यक्रम के तहत गढ़वा के बिशुनपुरा में जनसभा करने गए थे। लेकिन कार्यक्रम शुरू करने से पहले ही स्थानीय पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में पुलिस ने सभी को थाने से छोड़ दिया।
Jharkhand: Economist and activist Jean Dreze who was detained and interrogated earlier today on charges of holding an event without permission in Garwa, has been released pic.twitter.com/yAmu1dNAT8
— ANI (@ANI) March 28, 2019
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आचार संहिता का हवाला देते हुए प्रशासन की तरफ से ज्यां द्रेज और उनके साथियों को किसी भी तरह की सभा करने की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद ये लोग सभा कर रहे थे। बाद में संस्था द्वारा कार्यक्रम करने पर अड़े रहने के कारण सभी को पुलिस हिरासत में लेकर थाने लाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यां द्रेज के साथ संस्था डेहान ग्रुप के अध्यक्ष विवेक गुप्ता, सचिव अनुज गुप्ता को भी पुलिस थाना लेकर गई थी। बाद में पुलिस ने सभी को छोड़ दिया।