इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को 5.6 बिलियन डॉलर का आर्थिक झटका देकर भारत को हैरान कर दिया है। अमेरिका ने अपने बाजारों तक उसकी पहुंच प्रदान करने में विफल रहने के बाद भारत के कर मुक्त देश के दर्जे को समाप्त कर दिया है।
FILE photo- The Indian Expressअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस को जनरलाइज सिस्टम आफ प्रेफरेंस (जीएसपी) कार्यक्रम के तहत लाभकारी विकासशील देश के रूप भारत और तुर्की को दी गई उपाधी को समाप्त करने के अपने इरादे से अवगत कराया।
ट्रंप ने दलील दी कि भारत, अमेरिका को यह आश्वासन देने में विफल रहा है कि वह विभिन्न क्षेत्रों में अपने बाजारों को न्यायसंगत एवं उचित पहुंच प्रदान करेगा। अमेरिकी प्रतिनिधिसभा की स्पीकर नैन्सी पैलोसी को लिखे एक पत्र में ट्रंप ने कहा कि भारत ने अमेरिका को ‘‘आश्वस्त नहीं किया’ कि वह भारत के बाजारों में ’न्यायसंगत एवं उचित पहुंच प्रदान करेगा’।
ट्रम्प ने पत्र में कहा, ‘‘मैं यह आकलन करना जारी रखूंगा कि भारत सरकार ‘जीएसपी’ पात्रता मानदंड के अनुसार, अपने बाजारों में समान एवं उचित पहुंच प्रदान करती है या नहीं।’’ पत्र की एक प्रति मीडिया को भी जारी की गई है। इसके साथ ही ट्रंप ने एक अलग पत्र में कांग्रेस को बताया है कि उन्होंने आर्थिक विकास के आधार पर तुर्की के कर मुक्त देश के दर्जे को भी समाप्त कर दिया है।
उन्होंने व्यापार में भारत को जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस (GSP) से बाहर करने से जुड़ा बयान देकर वैश्विक आर्थिक गलियारे में नई हलचल पैदा कर दी है। अगर ट्रंप के इस फैसले पर सचमुच में अमल हुआ तो फिर अमेरिकी बाजार में 5.6 बिलियन डॉलर मूल्य के भारतीय उत्पादों के लिए ड्यूटी फ्री यानी शुल्क-मुक्त एंट्री का दरवाजा बंद हो जाएगा। भारत के लिए यह एक बड़ा आर्थिक झटका है।