हमेशा अपने बयानों को लेकर मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास भ्रष्टाचार में शामिल थे और उन्होंने हाल में शीर्ष पद पर हुई उनकी नियुक्त को ‘हैरानी भरा’ बताया। बता दें कि शक्तिकांत दास के नियुक्त पर सुब्रमण्यम स्वामी पहले भी असमति जता चुके है।
समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनस के संवाद सत्र में कहा, आरबीआई के नए गवर्नर अत्यधिक भ्रष्ट हैं। मैंने उन्हें (वित्त मंत्रालय से) हटवा दिया था। मैं शक्तिकांत दास को भ्रष्ट व्यक्ति कह रहा हूं। मैं हैरान हूं कि जिस व्यक्ति को भ्रष्टाचार के चलते मैंने वित्त मंत्रालय से हटवा दिया था उसे गवर्नर बनाया गया।
यह पूछे जाने पर कि उनके हिसाब से किसे आरबीआई का नेतृत्व करना चाहिए, इस पर राज्यसभा सदस्य स्वामी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरू के प्रफेसर आर. वैद्यनाथन का नाम लिया। सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा, आईआईएम-बी में वित्त के पूर्व प्रफेसर आर. वैद्यनाथन बेहतर हो सकते थे। वह संघ के पुराने व्यक्ति भी हैं, वह हमारे व्यक्ति हैं।
बता दें कि इससे पहले सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि, ‘शक्तिकांत दास को आरबीआई गवर्नर बनाना गलत है। उन्होंने पी चिदंबरम के साथ मिलकर भ्रष्टाचार में सहयोग किया और उन्हें कोर्ट से भी बचाते रहे। मुझे नहीं पता कि यह क्यों किया गया, मैंने इस फैसले के खिलाफ प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है।’
बता दें कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी शक्तिकांत दास को मंगलवार (11 दिसंबर) को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का नया गवर्नर नियुक्त किया गया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आर्थिक मामलों के विभाग के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास को रिजर्व बैंक के गवर्नर पद पर तीन साल के लिए नियुक्ति को मंजूरी दे दी।