कांग्रेस ने कमलनाथ को घोषित किया मध्य प्रदेश का सीएम, सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को याद दिलाया अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल का वादा

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कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ नेता कमलनाथ को मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री के तौर पर चुना है, इसकी आधिकारिक घोषणा गुरुवार (13 दिसंबर) को देर शाम की गई। मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद कमलनाथ ने पार्टी हाईकमान और मध्यप्रदेश की जनता का धन्यवाद दिया। उनके नाम के ऐलान से बीजेपी ने कांग्रेस के विरोध में आवाज उठानी शुरु कर दी। इसी क्रम में दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्वीट करते हुए कहा था कि, अगर कमलनाथ मुख्यमंत्री बन जाते है तो मैं मौत तक भूख हड़ताल पर बैठ जाऊगा।

तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने देर रात ट्वीट करते हुए लिखा,’जिस दिन हत्यारा कमलनाथ शपथ लेगा उसी दिन, उसी समय से मैं अनशन पर बैठूंगा। तिलक नगर के तिलक विहार इलाके जहाँ 1984 नरसंहार के हज़ारों पीड़ित परिवार रहते है, अनशन स्थल भी वही होगा।’

हांलाकी, तेजिंदर पाल सिंह बग्गा अपने इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए और कांग्रेस के इस ऐलान के बाद यूजर्स तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को उनका अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल का वादा याद दिलाने लगे।

एक यूजर ने लिखा, ‘एक्टर मनोज तिवारी के साथ रहकर बग्गा ओवरएक्टिंग करने लगा है। 2 दिन बाद मनोज तिवारी इसका अनशन तुड़वायेगा।’ वहीं एक अन्य यूजर ने बग्गा पर तंज कसते हुए लिखा, ‘बग्गा जी अब टेस्ट मैच का जमाना गया, अब तो 10-10 ओवर का ज़माना है आमरण अनशन छोड़ो, फांसी लगा लो।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘सिंधिया का नाम फाइनल था लेकिन जैसे ही पता चला कि कमलनाथ के बनने पर तेजिंदर बग्गा आमरण अनशन पर बैठेगा, काँग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं ने कमलनाथ को CM बनाने का दबाव बनाया। बग्गा निपट जाने के बाद सिंधिया होंगे CM’

वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘आदरणीय श्री तजिंदर पाल सिंह बग्गा सुना है कि अपने अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल का एलान किया है कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने पे। भारी मन से आपको सूचित किया जाता है कि वो तो बन गए, अब आप बताओ वादा कब निभा रहे हो।’

वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘बग्गा जी, बस अपनी बात पर अड़े रहना मुकरना नहीं, आपको कसम है मोदी जी और अमित शाह जी की। याद रखना कसम तोड़ी तो मोदी जी और शाह जी का नुकसान आपको झेलना पड़ेगा इसलिए पार्टी के भले के लिए खुद शहीद हो जाना।’

बता दें कि बाग्गा बीजेपी के विवादास्पद कार्यकर्ताओं में से एक है। गौरतलब है कि, बग्गा ने अक्टूबर 2011 में सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण पर कथित तौर पर हमला किया था। यह हमला उस वक्त किया था, जब प्रशांत भूषण ने कश्मीर में जनमत संग्रह कराए जाने का बयान दिया था। बग्गा उस वक्त भगत सिंह क्रांति सेना का सदस्य था।

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