पिछले कुछ महीनों से शक के आधार पर भीड़ का लोगों के साथ हो रही क्रूरता थमने का नाम नहीं ले रही है। देश के अलग-अलग राज्यों में लगातार बढ़ रहीं मॉब लिंचिंग की घटनाओं के बीच अब झारखंड में एक अखबार के 32 वर्षीय पत्रकार का अपहरण कर पीट-पीटकर निर्मम तरीके से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना स्थल पर पहुंचे एसपी ने कहा एसआईटी मामले की जांच करेगी। छानबीन शुरू कर दी गई है।
यह घटना झारखंड के चतरा की है जहां ‘दैनिक आज’ अखबार के पत्रकार चंदन तिवारी की पीट-पीटकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। सिमरिया थाना क्षेत्र के बलथरवा गांव ईलाके से उनका शव बरामद हुआ है। पत्रकार पत्थलगड्डा थाना क्षेत्र के दूम्बी गांव का रहने वाला थे। वह दैनिक आज अखबार का पत्थलगड्डा प्रखंड के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत थे।जानकारी के मुताबिक, पत्रकार मजदूर नेता रघुवर तिवारी के बेटे थे और रात लगभग 8 बजे पथलगड़ा चौक पर उन्हें आखिरी बार देखा गया था।
वहां से कुछ लोग उन्हें अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गए थे। उसके बाद पुलिस को सूचना मिली कि उनका अपहरण कर जंगल में ले जाया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन रात में ही जंगल में निकले। खोजबीन के दौरान ही चंदन सिमरिया बल्थर जंगल में जख्मी हालत में पाए गए। जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए सिमरिया रेफर अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चंदन के शरीर पर गंभीर चोट के भी निशान मिले हैं।
झारखण्ड के चतरा में दैनिक आज के पत्रकार चंदन तिवारी की पीटकर-पीटकर निर्मम हत्या। @dasraghubar @JharkhandPolice pic.twitter.com/kYNArCVdRJ
— News24 (@news24tvchannel) October 30, 2018
पत्रकार की निर्मम हत्या को लेकर झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (JJA) के संस्थापक शाहनवाज़ हसन ने कहा है कि चंदन तिवारी की हत्या लोकतंत्र की हत्या है। उग्रवादी संगठन के विरुद्ध लगातार चंदन तिवारी समाचार प्रकाशित कर रहे थे, चंदन तिवारी के हत्यारों को फौरन गिरफ्तार किया जाए और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। JJA के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने चंदन तिवारी की हत्या के विरोध में समस्त देश भर के पत्रकारों से काला दिवस मनाने का आह्वान करते हुए इस निर्मम हत्या की कड़ी निंदा की है।
वहीं, प्रदेश महासचिव कृपा सिंधु तिवारी बच्चन ने कहा है कि अब पत्रकार झारखंड में सुरक्षित नहीं हैं। पत्रकारों की आवाज़ को दबाने के लिए लगातार निर्मम हत्याएं हो रही है। चंदन तिवारी ने थाना में अपनी जान का खतरा बताकर शिकायत दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं की। रिपोर्ट के मुताबिक यहां दूसरी ऐसी घटना है जहां पत्रकार की निर्मम हत्या हुई है। इससे पूर्व पत्रकार इंद्रदेव यादव की हत्या की गई थी।