‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए महिने की आखिरी रविवार यानी 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 43वीं बार देश की जनता को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के 43वें संस्करण के आरम्भ हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में हुए 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन की चर्चा से किया और हज़ारों खिलाड़ी के जोश, जज़्बे , उत्साह, उनकी आशाओं और आकांक्षाओं से भरे वहां के माहौल को स्मरण किया।
फाइल फोटोप्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे खिलाडियों ने भी देशवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया और एक-के-बाद एक मेडल जीतते ही चले गए। चाहे शूटिंग हो, रेस्लिंग हो, वेटलिफ्टिंग हो, टेबल टेनिस हो या बैटमिंटन हो भारत ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया। पीएम मोदी ने भारतीय खिलाड़ियों के 26 गोल्ड, 20 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज जीतने पर सभी देशवासियों को गौरव की अनुभूति हुई।
उन्होंने कहा कि ‘तिरंगा झंडा लिए खिलाड़ियों को देख और राष्ट्रगान सुन हर भारतीय का तनमन पुल्कित हो उठा, हम भाव से भर गए।’ उन्होंने कहा कि 4-15 अप्रैल के दौरान हुए खेलों में हजारों खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। जोश, जज्बा और उत्साह के माहौल के बीच देशभर के लोगों ने अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा।
वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि कुछ ही दिनों में रमज़ान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। विश्वभर में रमज़ान का महीना पूरी श्रद्धा और सम्मान से मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षा और उनके सन्देश को याद करने का यह अवसर है। उनके जीवन से समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलना यह हमारी ज़िम्मेदारी बनती है। पीएम मोदी ने कहा कि एक बार एक इंसान ने पैगंबर साहब से पूछा- “इस्लाम में कौन सा कार्य सबसे अच्छा है?” पैगंबर साहब ने कहा, “किसी गरीब और ज़रूरतमंद को खिलाना और सभी से सदभाव से मिलना, चाहे आप उन्हें जानते हो या न जानते हो।”
उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ज्ञान और करुणा में विश्वास रखते थे। उन्हें किसी बात का अहंकार नहीं था। वह कहते थे कि अहंकार ही ज्ञान को पराजित करता रहता है। पीएम मोदी ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब का मानना था कि यदि आपके पास कोई भी चीज़ आपकी आवश्यकता से अधिक है तो आप उसे किसी ज़रूरतमंद व्यक्ति को दें, इसीलिए रमज़ान में दान का भी काफी महत्व है। उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षा और उनके सन्देश को याद करने का यह अवसर है। उनके जीवन से समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलना यह हमारी ज़िम्मेदारी बनती है।
जानें, PM मोदी के संबोधन की खास बातें
- पैगम्बर मोहम्मद साहब की शिक्षा और उनके सन्देश को याद करने का यह अवसर है। उनके जीवन से समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलना यह हमारी ज़िम्मेदारी बनती है।
- पैगंबर मोहम्मद साहब का मानना था कि यदि आपके पास कोई भी चीज आपकी आवश्यकता से अधिक है तो आप उसे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दें, इसीलिए रमजान में दान का भी काफी महत्व है।
- एक बार एक इंसान ने पैगंबर साहब से पूछा- “इस्लाम में कौन सा कार्य सबसे अच्छा है?” पैगंबर साहब ने कहा- “किसी गरीब और ज़रूरतमंद को खिलाना और सभी से सदभाव से मिलना, चाहे आप उन्हें जानते हो या न जानते हो”
- पैगंबर मोहम्मद साहब को किसी भी बात का अहंकार नहीं था।
- कुछ ही दिनों में रमज़ान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। विश्वभर में रमज़ान का महीना पूरी श्रद्धा और सम्मान से मनाया जाता है।
- जल संरक्षण समाजिक जिम्मेदारी होनी चाहिए, क्योंकि एक व्यक्ति के जिम्मेदारी निभाने से देश का या फिर दुनिया का उद्दार नहीं होगा।
- हमें पानी की एक बूंद-बूंद पानी की कीमत को समझना चाहिए
- भारतीयों के दिल में जल संरक्षण कोई नया विषय नहीं है, किताबों का विषय नहीं है, भाषा का विषय नहीं। सदियों से हमारे पूर्वजों ने इसे जी करके दिखाया है।
- जिंदगी में हर हैप्पीनेस का कोई राज है तो वो फिटनेस ही है, इसलिए जितना हो सके खुद को फिट रखने के लिए काम करें। फिट रहने के लिए योग का महत्वपूर्ण योगदान है।
- बिना खर्च के फिट इंडिया के मूवमेंट का नाम है योग। फिट इंडिया अभियान में योग की विशेष महिमा है।
- अभिनेता अक्षय कुमार ने फिट रहने के लिए विडियो शेयर किया।
- बैटमिंटन में देश की ही दो खिलाड़ी सानिया नेहवाला और पीवी सिंधु के बीच नुकाबला देखकर हर व्यक्ति खुश था, क्योंकि दोनों मेडल भारत के ही खाते में आने थे।
- मनिका बत्रा ने हर इवेंट में मेडल जीतकर कमाल कर दिखाया है।
- गेम्स में भाग लेने वाले एथलिट्स देश के अलग-अलग भागों से, छोटे-छोटे शहरों से आये हैं। अनेक बाधाओं, परेशानियों को पार करके यहां तक पहुंचे हैं।
- हर भारतीय को ये सफ़लता गर्व दिलाती है। पदक जीतना खिलाड़ियों के लिए गर्व और खुशी की बात होती ही है। ये पूरे देश के लिए, सभी देशवासियों के लिए अत्यंत गौरव का पर्व होता है।
- हमारे खिलाड़ियों ने देशवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया और एक के बाद एक मेडल जीतते चले गए।