प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (9 जनवरी) को नई दिल्ली में प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रवासी सांसदों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी एशिया की है, हम इसे भारत की सदी बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि न्यू इंडिया में आप लोगों का भी पूरा महत्व है। पीएम ने कहा कि सरकार 21वीं शदी के भारत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ट्रांसपॉर्ट और इन्फ्रास्टेक्चर में निवेश बढ़ाया जा रहा है।पीएम मोदी ने कहा कि देश अपने प्रवासी भारतीय को स्वभाविक सहयोगी के तौर पर देखता है। यहां की आर्थिक तरक्की में भी प्रवासी भारतीयों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय हमारे देश के स्थाई ब्रांड एंबेसडर है।पीएम मोदी ने कहा कि भारत से जाकर दूसरे देशों में रह रहे भारतीयों के मन से भारत कभी नहीं गया।
21st century is being considered the Asian century & India will be a major player in this with the growing stature of our country and you shall feel proud about our growth, hence inspiring us to work even harder: PM Modi pic.twitter.com/tshB7SUpN6
— ANI (@ANI) January 9, 2018
आज आपको यहां देखकर आपके पूर्वजों को जितनी प्रसन्नता हो रही होगी उसका अंदाज हम लगा सकते हैं। आज वो जहां भी होंगे आपको यहां देखकर प्रसन्न होंगे। मोदी ने कहा कि यहां से जो भी बाहर गए उनके मन से भारत नहीं निकला। भारतीय मूल के लोग जहां भी गए उसे अपना बना लिया।
वहां की संस्कृति में घुलमिल गए। वहां के खानपान, वहां के सिनेमा सब में रचबस गए लेकिन अपनी संस्कृति एवं अपनी भारतीयता को सदैव जीवित रखा। प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘हम किसी की सीमाओं में दखल नहीं देते और न ही किसी और की स्वायत्ता पर हमारी नजर है। हमारा फोकस अपनी क्षमताओं के विस्तार और अपने संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर रहा है।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि आसियान देशों से हमारे मज़बूत सम्बन्धों को हमने आसियान संगठन के साथ सम्बन्ध बढ़ाकर और भी ठोस रुप प्रदान किया है। भारत-आसियान संबंधों का भविष्य कितना उज्जवल है, इसकी झांकी अब से कुछ दिनों बाद गणतंत्र दिवस पर पूरी दुनिया देख सकेगी।