जीवित बच्चे को मृत घोषित करने के मामले की दिल्ली सरकार द्वारा गठित समिति ने मैक्स अस्पताल को ठहराया दोषी

0

जीवित नवजात शिशु को गलती से मृत घोषित करने के मामले की जांच के लिए दिल्ली सरकार द्वारा गठित एक समिति ने मैक्स अस्पताल को बच्चों से जुड़े तय मेडिकल नियमों का पालन नहीं करने का दोषी पाया है। दिल्ली सरकार के एक सूत्र ने बताया कि तीन सदस्यीय समिति ने मंगलवार (5 दिसंबर) को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को अपनी शुरूआती जांच रिपोर्ट सौंपी।समिति ने मैक्स अस्पताल के रिकार्ड की जांच की और संबंधित कर्मियों से मुलाकात की। एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा से कहा कि, समिति ने अपनी रिपोर्ट में अस्पताल को नवजात शिशुओं से संबंधित तय मेडिकल नियमों का पालन नहीं करने का दोषी पाया।

रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे के जीवित होने का पता लगाने के लिए ईसीजी जांच नहीं कराई गई। बच्चे को लिखित निर्देशों के बिना ही सौंप दिया गया। मैक्स हेल्थकेयर अस्पताल ने इस बीच दिल्ली सरकार की समिति की शुरूआती जांच के जवाब में कहा कि हम कोई टिप्पणी करने से पहले अंतिम रिपोर्ट की पूरी तरह से समीक्षा करना चाहेंगे।

 

Previous articleदिल्ली टेस्ट: ‘श्रीलंकाई खिलाड़ियों का मास्क पहनना हमारे लिए शर्मनाक’
Next articleहत्या मामले में शिवराज सरकार के मंत्री के खिलाफ जारी हुआ गैर-जमानती वारंट