प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार(16 अक्टूबर) को गांधीनगर में आयोजित ‘गुजरात गौरव महासम्मेलन’ में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। हालांकि इस दौरान अमित शाह से एक बड़ी चूक हो गई है।
File photo: NDTVदरअसल, ‘गुजरात गौरव यात्रा’ के समापन के मौके पर आयोजित महासम्मेलन को पीएम मोदी से पहले अमित शाह ने संबोधित किया। इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष जैसे ही मंच पर आकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करना शुरू किया उनकी जुबान फिसल गई।
आज तक में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, अमित शाह अपने भाषण की शुरुआत करते हुए मंच पर उपस्थित लोगों का स्वागत कर रहे थे। इस कड़ी में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया। जिसके बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल का भी जिक्र किया।
लेकिन जैसे ही अमित शाह की जुबां पर नितिन पटेल का नाम आने वाला था, उससे पहले वो ‘श्री’ की जगह ‘श्रीमती’ कह गए। हालांकि गलती का आभास होते ही अमित शाह मुस्कराने लगे और खुद को कुछ कहने से रोक लिया। अमित शाह ने इस दौरान मंच पर लोगों की तरफ देखा और फौरन ‘श्रीमती’ की जगह ‘श्री’ लगाकर नितिन पटेल का नाम लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, दरअसल नितिन पटेल के बाद अमित शाह को राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल का नाम लेना था। शाह ने मंच से श्रीमती आनंदी बेन कहकर उनका अभिवादन किया। लेकिन इससे पहले ही उन्होंने नितिन पटेल के नाम के साथ श्रीमती लगा दिया।
PM मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व को विकास एवं गुजरात विरोधी करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीजेपी के लिये चुनाव ‘विकासवाद की जंग है, कांग्रेस के लिये वंशवाद की जंग है और मुझे पूरा विश्वास है कि गुजरात में विकासवाद जीतने वाला है और वंशवाद हारने वाला है।
पाटीदार आंदोलन के बाद पटेल समुदाय के एक वर्ग की नाराजगी को समझते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब जब गुजरात में चुनाव आता है, उनको (कांग्रेस) जरा ज्यादा बुखार आता है, तकलीफ ज्यादा बढ़ जाती है। इस पार्टी और परिवार को गुजरात आंखों में चुभता रहा है।
उन्होंने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल के साथ इस पार्टी ने, इस परिवार ने किस तरह का व्यवहार किया, इतिहास इसका गवाह है। मैं इसे दोहरना नहीं चाहता। सरदार पटेल की पुत्री मणिबेन और पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के साथ किस प्रकार का व्यवहार इस पार्टी ने किया, यह सभी के सामने है। इनको हर प्रकार से नेस्तनाबूद करने का काम किया।
मोदी ने कहा कि गुजरात उनको (कांग्रेस और उसके नेतृत्व) पसंद ही नहीं था। उसने बाबू भाई पटेल के नेतृत्व वाली सरकार को तोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा कुर्सी का खेल खेला, वंशवाद को कैसे सलामत रखना है, इस पार्टी ने हमेशा इसकी चिंता की। उनको न देश की चिंता है और न समाज की।