जवाहरलाल नेहरू यूनिवसिर्टी (JNU) और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के बाद अब इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ के चुनाव में भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को बड़ा झटका लगा है। जी हां, शनिवार(14 अक्टूबर) को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ के नतीजे घोषित हो गए हैं।
PHOTO: THE HINDUघोषित परिणामों के अनुसार समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई समाजवादी छात्रसभा (SCS) ने पांच में से चार सीटें अपने नाम कर ली है, जिसमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद भी शामिल है। जबकि एबीपीवी को मात्र एक सीट मिली है। समाजवादी छात्रसभा के अवनीश यादव ने अध्यक्ष पद पर और इसी संगठन के चंद्रशेखर चौधरी ने उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है।
वहीं, एबीवीपी के निर्भय कुमार द्विवेदी छात्रसंघ के महामंत्री बन गए हैं। जबकि समाजवादी छात्र संघ के भरत सिंह संयुक्त सचिव और अवधेश कुमार पटेल को सांस्कृतिक सचिव चुना गया है। अध्यक्ष बने अवनीश यादव ने मृत्युंजय परमार को मात दी जो किसी राजनीतिक दल के छात्र संगठन से नहीं जुड़े हुए हैं।
अध्यक्ष पद की एवीबीपी की प्रत्याशी प्रियंका तीसरे स्थान पर रहीं। इसी तरह उपाध्यक्ष पद के चुनाव में एवीबीपी के चितवंत कुमार तिवारी दूसरे स्थान पर रहे। महामंत्री निर्वाचित हुए एवीबीपी के द्विवेदी ने निकटतम प्रत्याशी एनएसयूआई के अर्पित सिंह को हराया।
JNU और DU में भी ABVP को करना पड़ा था हार का सामना
बता दें कि इससे पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवसिर्टी (JNU) और दिल्ली विश्वविद्यालय(DU) के छात्र संघ चुनाव में भी एवीबीपी को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। पिछले महीने सितंबर में हुए जेएनयू छात्र संघ चुनावों में एक बार फिर लेफ्ट का ही परचम लहराया है।
जेएनयूएसयू के केन्द्रीय पैनल के लिए हुए चुनाव में यूनाइटेड लेफ्ट ने बाजी मारते हुए सभी चारों पदों पर विजय हासिल की थी। वाम प्रत्याशियों ने आरएसएस समर्थित एबीवीपी के अधिकतर उम्मीदवारों को बड़े अंतर से हराया था। वहीं, सितंबर में ही हुए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में भी ABVP को बड़ा झटका लगा था।
13 सितंबर को आए चुनाव परिणाम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने जोरदार वापसी करते हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर कब्जा कर लिया था। एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रॉकी तुषीद ने जीत दर्ज की है। एनएसयूआई के हिस्से दो सीटें आईं, तो एवीबीपी को दो सीटें मिलीं थी।