नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे की कंपनी का टर्नओवर कथित तौर पर 16 हजार गुना बढ़ने की खबर सामने आने के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है। अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के विवाद को लेकर बीजेपी के नेता और केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार(8 अक्टूबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिलसिलेवार तरीके से सभी सवालों को जवाब दिया।न्यूज वेबसाइट ‘द वायर’ द्वारा अमित शाह के बेटे की कंपनी पर लगाए गए आरोपों का बचाव करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि अमित शाह की छवि खराब करने के लिए स्टोरी चलाई गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वेबसाइट ने झूठी खबर दिखाई है।
Mr. Jay Shah will file criminal defamation suit of Rs. 100 cr against author(of article), editor & owner of news website The Wire: Goyal pic.twitter.com/euqISpdmpG
— ANI (@ANI) October 8, 2017
उन्होंने कहा कि अमित शाह के बेटे वेबसाइट(द वायर) के संपादक और उसके लेख लिखने वाले लेखक के खिलाफ 100 करोड़ के आपराधिक मानहानि का केस करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमित शाह के बेटे जय शाह कानून का पालन करने वाले बिजनेसमैन हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह के बेटे ने जो लोन लिया उसे ब्याज सहित TDS काटकर चुकाया।
क्या है मामला?
दरअसल एक न्यूज वेबसाइट ‘द वायर’ ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार अमित शाह के बेटे जय की कंपनी की बैलेंस शीट में बताया गया है कि मार्च 2013 और मार्च 2014 तक उनकी कंपनी में कुछ खास कामकाज नहीं हुए और इस दौरान कंपनी को क्रमश: कुल 6,230 रुपये और 1,724 रुपये का घाटा हुआ।
लेकिन वेबसाइट का दावा है कि जैसे ही नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और उनके पिता अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने जय शाह की कंपनी के टर्नओवर में आश्चर्यजनक रूप से इजाफा देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014-15 के दौरान जय शाह की कंपनी को कुल 50,000 रुपये की आमदनी पर कुल 18,728 रुपये का फायदा हुआ। लेकिन 2015-16 के वित्त वर्ष के दौरान जय की कंपनी का टर्नओवर लंबी छलांग लगाते हुए 80.5 करोड़ रुपये का हो गया। यह 2014-15 के मुकाबले 16 हजार गुना ज्यादा है।
जय की कंपनी टेम्पल इन्टरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के टर्नओवर में उछाल की वजह 15.78 करोड़ रुपये का अनसेक्योर्ड लोन है जिसे राजेश खंडवाल की फिनांशियल सर्विसेज फर्म ने उपलब्ध कराया है। बता दें कि राकेश खंडवाला बीजेपी के राज्यसभा सांसद और रिलायंस इंडस्ट्रीज के टॉप एग्जिक्यूटिव परिमल नथवानी के समधी हैं। एक साल बाद अक्टूबर, 2016 में जय शाह की कंपनी ने अचानक अपने सभी कारोबार बंद कर दिए।
कांग्रेस का हमला
रविवार(8 अक्टूबर) को कांग्रेस ने अमित शाह के बेटे जय अमित भाई शाह की कंपनी के टर्नओवर में भारी इजाफा के मामले को उठाते हुए जमकार हमला बोला। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसा लगता है कि 2014 में सरकार बदलने के साथ अमित शाह के बेटे की किस्मत भी बदल गई है।
उन्होंने कहा कि अमित शाह के बेटे की कंपनी टेम्पल इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड मार्च 2013 में घाटे में थी और ये घाटा 6,239 रुपये था। जबकि मार्च 2014 में भी कंपनी घाटे में रही और घाटा था 1,724 रुपये। लेकिन 2014-15 में ये कंपनी एकाएक फायदे में आ गई। यानि मई 2014 में कुछ बदलाव हुआ और मुनाफे का कारवां चल पड़ा।
सिब्बल ने कहा कि उस वक्त मुनाफा था 18,728 रुपये और कंपनी का कुल राजस्व था सिर्फ 50,000 रुपये। लेकिन असल बदलाव 2015-16 में हुआ, जब कंपनी का टर्नओवर 80 करोड़ हो गया। एक साल में टर्नओवर में ये बढ़ोतरी 16,000 गुना रही।
सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस के किसी नेता पर 10 लाख की गड़बड़ी के आरोप क्यों न हो, उनके पीछे सीबीआई, ईडी लगा देते हैं। क्रोनी कैपिटिलिज्म का आरोप लगा देते हैं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह पर कितने केस चालू कर दिए। सिब्बल ने कहा कि क्या देश के प्रधान सेवक इस मामले पर अपना मुंह खोलेंगे।
इसी उदाहरण को आगे बढ़ाते हुए कपिल सिब्बल ने कहा, “मैं पूछना चाहता हूं कि अब सीबीआई है कहां, ईडी है कहां, और प्रधानमंत्री हैं कहां?” कपिल सिब्बल ने कहा कि गड़बड़ी हुई है या नहीं ये तो जांच से पता चलेगा, हम जांच की मांग कर रहे हैं। क्या पीएम जांच करवाएंगे? मैं पीएम से ये जानना चाहता हूं कि क्या अब आप सीबीआई को जांच सौपेंगे? जिसके नाम में जय अमित शाह लगा हो उसे कौन गिरफ्तार करेगा?
वहीं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले बीजेपी सरकार पर हमला किया है। राहुल ने अपने आधिकारिक ट्वीटर अकाउंट पर इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, ‘आखिरकार हमने नोटबंदी के एकमात्र फायदेमंद शख्स की खोज कर ली, ये आरबीआई नहीं है, ये कोई गरीब भी नहीं है और ना ही किसान है। ये डेमोक्रेसी के शाह-इन-शाह हैं। जय अमित।’
We finally found the only beneficiary of Demonetisation. It's not the RBI, the poor or the farmers. It's the Shah-in-Shah of Demo. Jai Amit https://t.co/2zHlojgR2c
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 8, 2017