नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष के तौर पर जाने-माने अर्थशास्त्री डॉ. राजीव कुमार का नाम तय किया गया है। निवर्तमान उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के वापस अकादमिक क्षेत्र में लौटने की घोषणा के पांच दिन बाद बाद यह फैसला हुआ है। इसके साथ ही एम्स दिल्ली के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद पॉल को आयोग का सदस्य नामित किया गया है। कुमार अपना कार्यभार 31 अगस्त को मौजूदा उपाध्यक्ष पनगढ़िया के पद छोड़ने के बाद संभालेंगे।
Rajiv Kumar (Source: Twitter)बतौर उपाध्यक्ष राजीव कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रिपोर्ट करेंगे, जो नीति आयोग के अध्यक्ष हैं। बता दें कि राजग सरकार ने योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग का जठन किया था। फिलहाल, डॉ राजीव कुमार ‘सेंटर फॉर पोलिसी रिसर्च’ (CPR) नाम की गैर सरकारी संस्थान में सीनीयर पद पर कार्यरत हैं।
नए उपाध्यक्ष के बारे जानिए खास बातें
- ऑक्सफोर्ड से अर्थशास्त्र में डी.फिल और लखनऊ विश्विवद्यालय से पीएचडी कर चुके राजीव कुमार सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (सीपीआर) में वरिष्ठ फेलो हैं।
- राजीव कुमार पहले फिक्की के महासचिव थे और इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स रिलेशन (आईसीआरआईईआर) के चीफ एक्जीक्यूटिव भी रह चुके हैं।
- वह 2006 और 2008 के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं।
- वह भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के मुख्य अर्थशास्त्री भी रहे हैं और एशियाई विकास बैंक, भारतीय उद्योग मंत्रालय और वित्त मंत्रालय में भी महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
- राजीव कुमार कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय संस्थानों के बोर्ड के सदस्य भी हैं, जिसमें रियाद में किंग अब्दुल्ला पेट्रोलियम स्टडीज एंड रिसर्च सेंटर, जकार्ता में इकोनॉमिक रिसर्च इंस्टिट्यूट फोर आसियान एंड एशिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय विदेश व्यापार संस्थान का नाम शामिल है. वहीं डॉ विनोद पॉल ने पब्लिक हेल्थ के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया है।
- अरविंद पनगढ़िया ने 1 अगस्त को घोषणा की थी कि वह 31 अगस्त को नीति आयोग से हट जाएंगे और वापस कोलंबिया विश्वविद्यालय जाएंगे।