नीति आयोग के पहले उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने दिया इस्तीफा

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नीति आयोग के पहले उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अरविंद पनगढ़िया नीति आयोग छोड़ने के बाद अध्ययन क्षेत्र में लौट जाएंगे। 31 अगस्त को नीति आयोग के दफ्तर में उनका आखिरी दिन होगा, उसी दिन अपना पदभार छोड़ देंगे।

file photo: PTI

बता दें कि अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में अध्यापन का कार्य करने वाले अरविंद पनगढ़िया को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग के पहले उपाध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया था। पनगढ़िया की पहचान दुनिया के सबसे अनुभवी अर्थशास्त्री में होती है।

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पनगढ़िया का कहना है कि अब वह अध्यापन के क्षेत्र में वापस लौटना चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पनगढ़िया अब 30 दिनों के नोटिस पीरियड पर बतौर नीति आयोग के उपाध्यक्ष 31 अगस्त तक काम करेंगे। उन्होंने एक सितंबर को पद छोड़ने का नोटिस सरकार को दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद वह फिर से शिक्षण क्षेत्र में वापसी करेंगे।

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अरविंद 5 जनवरी, 2015 को नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष बने थे। मोदी सरकार द्वारा योजना आयोग को समाप्त कर नीति आयोग के रूप में गठन के बाद अरविंद इसके पहले उपाध्‍यक्ष बने थे। 65 वर्षीय पनगढ़िया कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रफेसर भी हैं एवं एशियन डिवेलपमेंट बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री रह चुके हैं।

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इसके अलावा उन्होंने वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ, डब्ल्यूटीओ और यूनसीटीएडी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के लिए भी काम कर चुके हैं। उन्‍होंने प्रतिष्ठित प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री ली है। पनगढ़िया कई किताब भी लिख चुके हैं। उनकी पुस्तक इंडिया द इमरजिंग जाइंट 2008 में इकनॉमिस्ट की ओर से सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली पुस्तक में शामिल हो चुकी है।

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