भारतीय सेना ने एक बार फिर से स्वदेशी असॉल्ट राइफल एक्स-कैलिबर को खराब गुणवत्ता के कारण रिजेक्ट कर दिया है, सेना द्वारा दुसरे साल भी रिजेक्ट किया जाना अब इसके निर्माण पर कई सवाल खड़े कर रहा है। असॉल्ट राइफल को एके-47 और इंसास के जगह पर लाने की योजना थी। बता दें कि, इससे पहले पिछले साल भी सेना ने एक अन्य स्वदेशी विकसित 5.56 एमएम एक्सकैलिबर राइफल को निर्धारित मानकों पर खरा ना उतर पाने पर खारिज कर दिया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस राइफल का पिछले सप्ताह परिक्षण किया गया था परिक्षण के दौरान इस रायफल में कई खामियां मिली हैं। इस राइफल में टेस्ट के दौरान पाया गया कि एक्स-कैलिबर 7.62 x 51 mm असॉल्ट राइफल्स फायरिंग के बाद बड़ी तेजी से झटका देती है। इस राइफल का टेस्ट सरकार के ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड द्वारा लिया गया था।
ख़बरों के मुताबिक, सेना के एक अधिकारी ने बताया कि राइफल में कई सुरक्षा खामियां हैं और राइफल की लोडिंग को आसान बनाने के लिए मैगजीन को फिर से डिजाइन किए जाने की जरूरत है। खबरों के मुताबिक असॉल्ट राइफल्स में अधिक चमक और साउंड की समस्या है जो कि युद्ध के दौरान ठीक नही होगा।
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक इस राइफल में लोडिंग और भी आसान बनाने के लिए मैग्जीन में बदलाव का सुझाव भी दिया है, परिक्षण में तकरीबन 20 बार फायरिंग में रुकावट और खामियां देखी गई। गौरतलब है कि, स्वदेश में बनी राइफल अगर पास नही होती है तो ऐसे विदेश का रुख करना पड़ सकता है। फिलहाल भारतीय सेना एके-47 और इंसास राइफल का इस्तेमाल कर रही है जिसे 1988 में सेना में शामिल किया गया था।



















