‘जब कोई जज बने तो उसे ट्रेनिंग देने के लिए चिड़ियाघर भी ले जाया जाए’

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गोहत्या और पशुओं की खरीद-बिक्री के बैन को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के बाद देश भर में हो रहे विरोध में बीच राजस्थान हाई कोर्ट ने मंगलवार(31 मई) को सुझाव दिया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। एक न्यूज चैनल से बातचीत में जस्टिस महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि ‘मोर को राष्ट्रीय पक्षी इसलिए बनाया गया, क्योंकि वह जिंदगी भर ब्रह्मचारी रहता है।वह कभी भी मोरनी के साथ सेक्स नहीं करता। इसके जो आंसू आते हैं, मोरनी उसे चुगकर गर्भवती होती है और मोर या मोरनी को जन्म देती है।’

इसके बाद सोशल मीडिया पर जमकर इस बात का मजाक बनाया गया। लोगों ने अलग-अलग तरह की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए जिसमें मोर और मोरनी आपस में सबंध बना रहे है। बता दें कि जस्टिस शर्मा द्वारा मोर को लेकर कही गई बात सिर्फ एक मिथक है। मोरनी मोर के साथ सहवास करके ही गर्भवती होती है।

पत्रकार रवीश कुमार ने अपने प्राइम टाइम शो में इस बात पर चर्चा करते हुए अपनी निजी राय दी कि जब कोई व्यक्ति जज बनता है तो उसकी ट्रेनिंग भी होती होगी और अगर ऐसी कोई ट्रेनिंग होती है तो उसमें ट्रेनिंग देने के लिए जजों को चिड़ियाघर भी ले जाना चाहिए। रवीश के अलावा भी सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग तरह के विचार इस मुद्दे पर रखें।

राष्ट्रीय पशु बनाने से गाय को क्या लाभ?

Posted by NDTVKhabar.com on Wednesday, 31 May 2017

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