दिल्ली की पटियाला हाउस ने कड़ी सुरक्षा के बीच चर्चित सरोजनी नगर बम ब्लास्ट पर अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने इस मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए बाकी दो अन्य को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने धमाकों के लिए किसी को भी दोषी नहीं माना है। डार की सजा को अदालत ने पूरा मान लिया है।
पटियाला हाउस कोर्ट स्थिति अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितेश सिंह ने हाल ही में सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। 12 साल पहले हुए सीरियल ब्लास्ट में इस मामले में पहले 13 फरवरी को फैसला आना था, लेकिन बाद में अदालत ने इसके लिए 16 फरवरी की तारीख तय कर दी थी। इस मामले में तारिक अहमद डार के अलावा मोहम्मद रफीक शाह और मोहम्मद हुसैन फ़ाज़ली आरोपी थे।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, कोर्ट ने तीन आरोपियों में से दो को बरी करते हुए तारिक अहमद डार को दोषी माना है। तारिक को 10 साल की सजा सुनाई गई है। हालांकि, तारिक पहले ही 13 साल की सजा काट चुका है।
गौरतलब है कि दिल्ली में यह धमाके साल 2005 में दिवाली से पहले हुए थे। इन सीरियल धमाकों में 60 लोगों की मौत हुई थी और 200 से ज्यादा घायल हुए थे। धमाकों की जांच में इनके तार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे।
2005 Delhi serial blasts: Accused Mohammed Rafiq Shah and Mohammed Hussain Fazili acquitted of all charges.
— ANI (@ANI) February 16, 2017