उत्तर प्रदेश: योगी राज में रोडवेज बसों के बाद अब यूपी की इमारतों पर भी चढ़ा भगवा रंग

0

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद राज्य की परिवहन निगम बसों और यूपी का एनेक्सी हाउस यानी लाल बहादुर शास्त्री भवन के भगवा रंग में रंगने के बाद अब प्रदेश की सब्जी मंण्डी की इमारतें भी भगवा रंग में रंगी हुई नजर आने लगी हैं। इन तस्वीरों के देखकर शायद आपको यही लगने लगेगा कि योगी सरकार, धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को भगवा रंग में रंगने वाली है।

उत्तर प्रदेश

ख़बर बुलंदशहर के सिकन्द्राबाद से है जहां अनाज, फ़ल और सब्ज़ी मंडी समिति को पूरी तरह भगवा रंग में रंगा गया है। अधिकारी कैमरे के सामने आने पर इसे खुद का पसंदीदा कलर बता रहे हैं। लेकिन इसकी सच्चाई क्या है यह कोई नहीं जानता। ये तस्वीरें बुलन्दशहर के सिकन्द्राबाद में स्थित नवीन फ़ल मंडी और सिकन्द्राबाद में स्तिथ अनाज मंडी की हैं।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कुछ चीजों के रंग भगवा कर दिए तो कुछ चीजों के रंग अधिकारी इसलिए बदलवा रहे हैं ताकि योगी सरकार को खुश किया जा सके।

सिकन्द्राबाद में स्तिथ फ़ल, सब्ज़ी, और अनाज मंडी भी शायद इसी लिए भगवा रंग में नज़र आ रही हैं। बल्कि इससे पहले दीवार और द्वार अलग रंग में देखे जाते थे और हर मंडी में रंग भी अलग पाए जाते थे। लेकिन अब मंडी अनाज की हो, सब्जी की हो, या फिर फल की सब की दीवारें भगवा रंग में नज़र आने लगी है।

बता दें कि, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के करीब आठ महीने बाद से सरकारी इमारतों का रंग बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है। सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार बुलन्दशहर के सिकन्द्राबाद में स्तिथ फल, सब्ज़ी और अनाज मंडी में पहली बार पेंट पॉलिश का काम हुआ है।

अगर इससे पहले की बात की जाए तो भगवा रंग में रंगे इन मुख्य द्वार इन दीवारों के रंग पीला और सफेद हुआ करता था। लेकिन शायद अधिकारीयों को लगता है कि सूबे के मुखिया को भगवा रंग पसन्द है तो इन्हें भगवा रंग में ही रंगवाया जाए जिससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन अधिकारियों से खुश हों।

हालांकि, रंग तो अक्सर सरकारों के साथ बदल जाते हैं, लेकिन यूपी में कलर पॉलिटिक्स नई नहीं है। बता दें कि, यूपी की सत्ता में जब भी कोई पार्टी आती है तो वो बसों का रंग बदल देती है। सत्ता में बसपा आई थी, परिवहन निगम की बसों से लेकर रोड डिवाइडरों तक के रंग नीले होने लग गए थे।

वहीं, जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे तो बसें लाल और हरे रंग की होती थी। अब योगी सरकार भी कलर पॉलिटिक्स में कैसे पीछे रह सकती है। यही वजह है कि इमारतें भगवा रंग में रंगी जा रही है।

बता दें कि, इससे पहले 25 सितंबर को योगी सरकार ने भगवा रंग की बसें सड़कों पर उतारी थी। इन बसों को दीनदयाल उपाध्याय का नाम दिया गया था। भगवा रंग की इन 50 बसों को ‘संकल्प सेवा’ कहा गया था। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम ने इन बसों को उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिये उतारा था जहां परिवहन की सुविधा काफी कमजोर है।

इस ख़बर को पढ़कर सवाल यह उठता है कि, क्या धीरे-धीरे यूपी पूरी तरह से भगवा रंग में ही रंग जाएगा। क्योंकि, कुछ दिन पहले ख़बर आई थी कि गोरखपुर के सहजनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ईटीसी में मरीज़ों के बिस्तर पर सफेद चादर की जगह भगवा रंग की चादरें बिछाई गई थी। साथ ही कहा जा रहा था कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अब इसी भगवा रंग की चादरें नज़र आ सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here