आरोग्य सेतु ऐप किसने बनाया? सीआईसी की फटकार के बाद केंद्र सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण

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कोरोना वायरस (कोविड-19) के प्रसार की रोकथाम के लिए मोदी सरकार द्वारा जारी किए गए ‘आरोग्य सेतु ऐप’ को लेकर केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) की फटकार के बाद केंद्र सरकार ने इसपर एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने उद्योग और शैक्षणिक क्षेत्र के वॉलनटिअर्स के सहयोग से आरोग्य सेतु ऐप तैयार की है। बता दें कि, इससे पहले ऐप के डिवलेपमेंट को लेकर जानकारी न होने पर सीआईसी ने तमाम सरकारी विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

आरोग्य सेतु ऐप

सरकार द्वारा जिस आरोग्य सेतु ऐप के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है उसे किसने बनाया इस बारे में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को कोई जानकारी नहीं है। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने सरकार के इस जवाब को “अतर्कसंगत” करार दिया है। आयोग ने एनआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा था कि उस पर “प्रथम दृष्टया सूचना को बाधित करने और अस्पष्ट जवाब देने के लिये” क्यों ना सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत जुर्माना लगाया जाए।

सीआईसी ने नैशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) को फटकार लगाते हुए कहा था कि वह यह स्पष्ट करने पर विफल रहने कि आरोग्य सेतु ऐप का विकास किया है, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी (मेइटी) मंत्रालय, एनआईसी तथा राष्ट्रीय ई-अधिशासन प्रभाग (एनईजीडी) के मुख्य लोक सूचना अधिकारियों (सीपीआईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके बाद मेइटी का यह बयान आया है।

मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘यह स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया गया है कि आरोग्य सेतु ऐप का विकास एनआईसी ने उद्योग और शैक्षणिक क्षेत्र के स्वयंसेवी लोगों के सहयोग से किया है। इस ऐप का विकास बेहद पारदर्शी तरीके से किया गया है।’ खबरों के अनुसार सीआईसी ने एनआईसी से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उसके पास इस बात की जानकारी क्यों नहीं है कि ऐप का विकास किसने किया है, जबकि वेबसाइट पर बताया गया है कि इस मंच का डिजाइन, विकास एनआईसी के माध्यम से हुआ है।

सीआईसी के आदेश के अनुसार मेइटी, एनईजीडी और एनआईसी के सीपीआईओ को 24 नंवबर, 2020 को उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। मेइटी ने कहा कि वह इस आदेश के अनुपालन के लिए उचित कदम उठा रहा है। मेइटी ने कहा आरोग्य सेतु ऐप और देश में कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने में उसकी भूमिका को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

दरअसल, सौरव दास नाम के एक शख्स ने चीफ इन्फॉर्मेशन कमिशन में शिकायत दर्ज कराई थी। दास ने दावा किया है कि उन्होंने आरोग्य सेतु ऐप को बनाने वाले के बारे में जानकारी के लिए एनआईसी, नैशनल ई-गवर्नेंस डिविजन और मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से संपर्क किया था। किसी रेस्ट्रॉन्ट, सिनेमा हॉल्स, मेट्रो स्टेशन जैसी जगहों पर जाने के लिए मोबाइल में इस ऐप का डाउनलोड होना जरूरी है।

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