कानपुर शूटआउट में शहीद कांस्टेबल की पत्नी बोलीं- अब यह कैसे पता चलेगा विकास दुबे को कौन दे रहा था संरक्षण

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कुख्यात अपराधी एवं कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले का मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे शुक्रवार सुबह कानपुर के भौती इलाके में पुलिस मुठभेड़ मे मारा गया। गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर पर अब तरह-तरह के सवाल भी उठने लग गए है। कानपुर के बिकरू गांव में मुठभेड़ में अपनी जान गंवाने वाले कांस्टेबल सुल्तान सिंह की पत्नी उर्मिला वर्मा ने कहा कि विकास दुबे के मारे जाने के बाद अब कैसे सामने आएगा कि कौन उसे समर्थन दे रहा था?

कानपुर के बिकरू गांव में मुठभेड़ में अपनी जान गंवाने वाले कांस्टेबल सुल्तान सिंह की पत्नी उर्मिला वर्मा ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, “मैं संतुष्ट हूं। लेकिन अब यह कैसे सामने आएगा कि कौन उसे (विकास दुबे) समर्थन दे रहा था? उससे पूछताछ करके यह खुलासा नहीं किया जा सका।”

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल के डॉक्टर आरबी कमल ने बताया कि, तीन घायल पुलिस कर्मियों की हालत स्थिर है। विकास दुबे को यहां मृत लाया गया था, उसको चार गोली लगी थी। तीन गोली विकास दुबे के सीने में लगी थी और एक हाथ में।

यूपी के एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा, “विकास दुबे जब आ रहा था, तब गाड़ी पलट गई उसके बाद उसने पुलिस का हथियार छीनने की कोशिश की और भागा। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की, वो घायल हुआ और अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित किया गया। इसको लेकर अधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।”

कानपुर के एडीजी जेएन सिंह ने बताया कि पुलिस और एसटीएफ की गाड़ियां विकास को उज्जैन से ला आ रही थी, तभी अचानक एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। उसमें बैठे विकास दुबे ने भागने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस मुठभेड़ हुई और वह घायल हो गया। सिंह ने बताया कि हादसे के बाद दुबे ने एक एसटीएफकर्मी की पिस्तौल छीन ली और भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उसे घेर लिया और दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में वह घायल हो गया। उन्होंने बताया कि विकास को तुरंत हैलट अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुर्घटना में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए है।

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