सीएम योगी आदित्यनाथ से बोलीं उमा भारती- “हाथरस घटना में पुलिस की संदेहपूर्ण कार्रवाई से BJP की छवि खराब हुई, मीडिया और नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने दिया जाए”

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने शुक्रवार (दो अक्टूबर) को कहा कि हाथरस की घटना में उत्तर प्रदेश पुलिस की ‘‘संदिग्ध’’ कार्रवाई के कारण भाजपा, राज्य सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सीएम योगी से अनुरोध किया कि मीडियाकर्मियों तथा राजनीतिक दलो के नेताओं को पीड़िता के परिवार से मिलने दिया जाए।

उमा भारती
फाइल फोटो: सोशल मीडिया

बता दें कि, कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद उमा भारती को ऋषिकेश के एम्स में भर्ती करवाया गया है। भारती ने कहा कि अगर उनका स्वास्थ्य ठीक होता तो वह खुद भी पीड़िता के परिवार से मिलने हाथरस जातीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह निश्चित ही परिवार से मिलने जाएंगी। हाथरस घटना को लेकर उमा भारती ने हिंदी में कई ट्वीट किए है। इनमें उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश पुलिस की संदिग्ध कार्रवाई के कारण भाजपा, उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुंचा है।’’

उमा भारती ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा है कि ऐसा कोई भी नियम नहीं है कि एसआईटी जांच में परिवार किसी से मिल न सके। उन्होंने लिखा कि इससे तो एसआईटी जांच ही शक के दायर में आ जाएगी। भारती ने कहा कि वह हाथरस प्रकरण पर करीब से नजर रखे हुए हैं। साथ ही उन्होंने योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया कि मीडियाकर्मियों एवं राजनीतिक दलों के लोगों को पीड़ित परिवार से मिलने दिया जाए।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए उमा भारती ने ट्वीट किया, ‘आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी, आपको जानकारी होगी ही कि मैं कोरोना पॉजिटिव होने की वजह से AIIMS ऋषिकेश में कोरोना वॉर्ड में भर्ती हूं। आज मेरा 7वां दिन है और इसलिए मैं अयोध्या मामले पर विशेष सीबीआइ कोर्ट में पेश भी नहीं हो पाई। यद्यपि मैं किसी से मिल नही सकती, फोन नहीं कर सकती लेकिन टीवी है जिससे की समाचार मिलते हैं।’

उमा भारती ने आगे लिखा, “मैंने हाथरस की घटना के बारे में देखा। पहले तो मुझे लगा की मै ना बोलूँ क्यूँकि आप इस सम्बंध में ठीक ही कार्यवाही कर रहे होंगे। किन्तु जिस प्रकार से पुलिस ने गाव की एवं पीड़ित परिवार की घेराबंदी की है उसके कितने भी तर्क हो लेकिन इससे विभिन्न आशंकाये जन्मती है। वह एक दलित परिवार की बिटिया थी। बड़ी जल्दबाज़ी में पुलिस ने उसकी अंत्येष्टि की और अब परिवार एवं गाव की पुलिस के द्वारा घेराबंदी कर दी गयी है। मेरी जानकारी में ऐसा कोई नियम नही है की एसआइटी जाँच में परिवार किसी से मिल भी ना पाये। इससे तो एसाईटी की जाँच ही संदेह के दायरे में आ जायेगी।”

भाजपा नेता ने योगी आदित्यनाथ को चेताते हुए कहा कि पुलिस की संदेह भरी कार्रवाई से उनकी और पार्टी की छवि पर आंच आई है। उन्होंने लिखा, “हमने अभी राम मंदिर का शिलान्यास किया है तथा आगे देश में रामराज्य लाने का दावा किया है किन्तु इस घटना पर पुलिस की संदेहपूर्ण कार्यवाही से आपकी सरकार की तथा भाजपा की छवि पे आंच आई है। आप एक बहुत ही साफ-सुथरी छवि के शासक हैं। मेरा आपसे अनुरोध है कि आप मीडियाकर्मियों को एवं अन्य राजनीतिक दलो के लोगों को पीड़ित परिवार से मिलने दीजिए।”

उमा भारती ने साथ ही ऐलान किया कि ठीक होने के बाद वह हाथरस में पीड़ित परिवार से जरूर मुलाकात करेंगी। उन्होंने लिखा, “मै कोरोना वार्ड में बहुत बैचेन हू। अगर मैं कोरोना पॉज़िटिव ना होती तो मैं भी उस गाव मै उस परिवार के साथ बैठी होती। AIIMS ऋषिकेश से छुट्टी होने पर मै हाथरस में उस पीड़ित परिवार से ज़रूर मिलूँगी। मै भाजपा में आपसे वरिष्ठ एवं आपकी बड़ी बहन हू । मेरा आग्रह है की आप मेरे सुझाव को अमान्य मत करियेगा।”

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