आदित्यनाथ के CM बनाए जाने पर टि्वटर यूजर्स बोले- ‘योगी हिंदू-मुस्लिम को लड़वा ना दें, हमने इनको वोट नहीं दिया था’

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योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री चुने जाने पर विरोधी दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। साथ ही सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर काफी आलोचना हो रही है। बता दें कि पांच बार लोकसभा सांसद रहे भाजपा के तेजतर्रार नेता योगी आदित्यनाथ कट्टर हिन्दूवादी नेता माने जाते हैं। लंबे समय से वह अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। आदित्यनाथ अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण के मजबूत पैरोकार हैं।

फोटो: The Indian Express

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने शनिवार(18 मार्च) को कहा कि ‘यह देश में धर्मनिरपेक्षता पर एक बड़ा हमला है। हो सकता है, भाजपा या आरएसएस हिंदुत्व के अपने उद्देश्य का समर्थन करना पसंद करे। भारत हिंदुत्व नहीं है, हिंदुत्व भारत नहीं है।’ उन्होंने कहा कि भारत का निर्माण जाति और धर्म से परे हुआ है तथा वसुधैव कुटुंबकम हमारे धर्मनिरपेक्ष समाज की बुनियाद है। धर्मनिरपेक्षता पर हुआ यह अब तक का सबसे बड़ा हमला है।

वहीं, माकपा नेता वृंदा करात ने योगी के मुख्यमंत्री चुने जाने को आरएसएस के एजेंडा का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से आरएसएस का एजेंडा है और यूपी इसके लिए नई प्रयोगशाला है। चूंकि यह आरएसएस की जीत (यूपी चुनाव में) है, इसलिए इसने मुख्यमंत्री चुना है। उन्होंने कहा कि इस भद्र पुरुष का आपराधिक रिकॉर्ड है। प्रदेश की विभिन्न अदालतों में उन पर दंगा करने और कई अन्य गंभीर अपराध के आरोप हैं।

हालांकि, गोरखपुर से पांच बार सांसद रहे 44 वर्षीय योगी की हिंदुत्व समर्थक कट्टर छवि से सहमति नहीं जताते हुए भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि ‘यह छवि मीडिया के पास हो सकती है, लेकिन उन्हें बार-बार चुना गया है। वह विकास के पक्ष में हैं और यही एजेंडा हमने पाया है तथा हम इस एजेंडा पर अडिग रहेंगे।’ साथ ही बीजेपी के कई अन्य नेताओं ने कहा कि आदित्यनाथ राज्य को विकास के रास्ते पर ले जाएंगे और इसे उत्तम प्रदेश बनाएंगे।

बता दें कि योगी आदित्यनाथ की छवि कट्टर हिंदुत्व, बीजेपी के फायर ब्रान्ड नेता और पूर्वांचल के कद्दावर नेता की है। योगी आदित्यनाथ भाजपा के सांसद होने के साथ-साथ अपना एक हिंदू युवा वाहिनी नाम का संस्था भी चलाते हैं।

2007 में गोरखपुर में दंगे हुए तो योगी आदित्यनाथ को मुख्य आरोपी बनाया गया। और 28 जनवरी 2007 को योगी की गिरफ्तारी भी हुई। जिसके बाद कई जिलों में हिंसा, तोड़फोड़, आगजनी की घटनाएं हुईं, जिनमें दो लोगों की मौत हो गई थी। योगी के खिलाफ कई अपराधिक मुकदमे भी दर्ज हो चुके हैं।

पढ़िए, सोशल मीडिया पर लोगों ने BJP और PM मोदी पर कैसे ली चुटकी:-

https://twitter.com/BeVoterNotFan/status/841383983783038978

https://twitter.com/BeVoterNotFan/status/843069710941925376

https://twitter.com/tpss4u/status/608435668675620866

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के फायरब्रांड नेता व गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ का अब राज होगा। यूपी में भारी जीत दर्ज करने वाली बीजेपी ने राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ के नाम पर मुहर लगा दी है। उन्हें लखनऊ में शनिवार(18 मार्च) को पार्टी विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री चुना गया।

योगी राज्य के 21वें मुख्यमंत्री होंगे। साथ ही प्रदेश पार्टी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और पार्टी उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाने का ऐलान किया गया। शपथ ग्रहण समारोह आज(19 मार्च) दोपहर 2.15 बजे स्मृति वन में होगा। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मौजूद रहेंगे।

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