सुप्रीम कोर्ट ने सूफी संत के खिलाफ टिप्पणी करने वाले ‘न्यूज 18 इंडिया’ के एंकर अमीश देवगन को दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण की अवधि बढ़ाई

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सुप्रीम कोर्ट ने एक शो में सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को लेकर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी के सिलसिले में दर्ज मामलों में ‘न्यूज 18 इंडिया’ के एंकर अमीश देवगन के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण की अवधि बुधवार (8 जुलाई) को बढ़ा दी। सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के खिलाफ कथित अपमानजनक बयान देने वाले ‘न्यूज 18 इंडिया’ के एंकर अमीश देवगन पर विभिन्न राज्यों में कई प्राथमिकी दर्ज करवाई गई हैं।

अमीश देवगन

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर तथा न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिए सुनवाई के दौरान टीवी समाचार एंकर अमीश देवगन के वकील से कहा कि अनेक राज्यों में पत्रकार के खिलाफ शिकायतें दाखिल करने वालों को याचिका की प्रतियां देकर मामले में लिखित में दलीलें पूरी की जाए। देवगन की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा और वकील मृणाल भारती पेश हुए थे।

संक्षिप्त सुनवाई के बाद पीठ ने एंकर अमीश देवगन को 26 जून को दी गई राहत अगले आदेश तक के लिए बढ़ा दी। अमीश देवगन के खिलाफ इस समय राजस्थान, महाराष्ट्र और तेलंगाना में पांच प्राथमिकी दर्ज हैं। ये प्राथमिकियां 15 जून को देवगन के समाचार कार्यक्रम ‘आर पार’ में सूफी संत के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्द के इस्तेमाल के मामले में दर्ज कराई गई थीं।

बता दें कि, अपने विवादित शो को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले ‘न्यूज 18 इंडिया’ के एंकर अमीश देवगन ने विश्व प्रसिद्ध अजमेर शरीफ के हजरत ख्वाजा गरीब नवाज को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। इसके बाद वह सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए थे, लोग उनकी गिरफ्तारी की मांग करने लग गए थे। सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करने और अपने खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की धमकी के बाद अमीश देवगन ने सार्वजनिक रुप से माफी मांग ली थी।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था, “अपनी एक बहस में, मैंने अनजाने में ‘खिलजी’ को चिश्ती कह दिया। मैं ईमानदारी से इस गंभीर त्रुटि के लिए माफी मांगता हूं और यह सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती के अनुयायियों के लिए दुख की बात हो सकती है, जिन्हें मैं सम्मान देता हूं। मैंने भी पहले उनकी दरगाह पर आशीर्वाद लिया है। मुझे इस त्रुटि पर खेद है।”

देवगन ने सुप्रीम कोर्ट से आपराधिक मामलों में जांच पर स्थगन का अनुरोध करते हुए इन्हें (जांच को) रद्द करने का आग्रह किया था। अदालत ने पुलिस एजेंसियों द्वारा पत्रकार के खिलाफ मामले में लंबित या भविष्य की जांच पर आज तक के लिए रोक लगाई थी। देवगन की याचिका पर पीठ ने महाराष्ट्र, तेलंगाना और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किए थे। पीठ ने भारती से कहा था कि इस कार्यक्रम को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ताओं को भी इसमें पक्षकार बनाया जाए।

 

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