सुरेश चव्हाण के नेतृत्व वाले सुदर्शन न्यूज़ के विवादास्पद टीवी शो ‘नौकरशाही जिहाद’ के प्रसारण पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा- “यह एक समुदाय को बदनाम करने का प्रयास है”

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुरेश चव्हाण के नेतृत्व वाले सुदर्शन न्यूज़ के मुस्लिम समुदाय के लोगों के सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास करने से जुड़े विवादास्पद कार्यक्रम के प्रसारण पर तीखी टिप्पणियां कीं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद कार्यक्रम के प्रसारण पर भी रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह एक उन्माद पैदा करने वाला कार्यक्रम है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच में जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, इंदु मल्होत्रा ​​और केएम जोसेफ शामिल थे, जिन्होंने सुदर्शन टीवी को मुसलमानों के खिलाफ अपनी विवादास्पद श्रृंखला के शेष एपिसोड को प्रसारण पर रोक लगा दी।

सुदर्शन न्यूज़

सुप्रीम कोर्ट ने सुदर्शन टीवी के कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए मंगलवार को कहा कि मीडिया में स्व नियंत्रण की व्यवस्था होनी चाहिए। इस टीवी कार्यक्रम के प्रोमो में दावा किया गया था कि सरकारी सेवा में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों की घुसपैठ की साजिश का पर्दाफाश किया जा रहा है। शीर्ष अदालत ने इस कार्यक्रम के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि कुछ मीडिया हाउस के कार्यक्रमों में आयोजित होने वाली बहस चिंता का विषय है क्योंकि इसमें हर तरह की मानहानिकारक बातें कहीं जा रही हैं।

न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ ने कहा, ‘इस कार्यक्रम को देखिये, कैसा उन्माद पैदा करने वाला यह कार्यक्रम है कि एक समुदाय प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश कर रहा है।’ पीठ ने कहा, ‘देखिये इस कार्यक्रम का विषय कितना उकसाने वाला है कि मुस्लिमों ने सेवाओं में घुसपैठ कर ली है और यह तथ्यों के बगैर ही यह संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं को संदेह के दायरे में ले आता है।’

सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि पत्रकारों की स्वतंत्रता सर्वोच्च है और प्रेस को नियंत्रित करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिये घातक होगा। सुदर्शन टीवी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने पीठ से कहा कि चैनल इसे राष्ट्रहित में एक खोजी खबर मानता है। इस पर पीठ ने दीवान से कहा, ‘आपका मुवक्किल देश का अहित कर रहा है और यह स्वीकार नहीं कर रहा कि भारत विविधता भरी संस्कृति वाला देश है। आपके मुवक्किल को अपनी आजादी के अधिकार का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।’

गौरतलब है कि, हिंदी समाचार चैनल सुदर्शन के विवादास्पद कार्यक्रम ‘नौकरशाही जिहाद’ के प्रसारण को केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते हरी झंडी दे दी थी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सुदर्शन न्यूज़ चैनल से यह सुनिश्चित करने कहा है कि उसका शो कार्यक्रमों के लिए निर्धारित संहिता का उल्लंघन नहीं करे। साथ ही उल्लेख किया कि टीवी चैनलों पर प्रसारित किसी भी कार्यक्रम पर प्रसारण से पूर्व रोक की व्यवस्था नहीं है। (इंपुट: भाषा के साथ)

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