#JKRImpact: राफेल डील को लेकर सोशल मीडिया पर चौतरफा घिरी मोदी सरकार, यूजर्स बोले- ‘जब कोई घोटाला नहीं किए हो तो इस डील की राशि जनता को बताओ?’

0

‘जनता का रिपोर्टर’ द्वारा राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे को लेकर किए गए खुलासे के बाद राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल सौदे को लेकर मोदी सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर राफेल की कीमत बताने से रक्षामंत्री के इनकार करने के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार चौतरफा घिर गई है। लोगों का कहना है कि जब इसमें कोई घोटाला नहीं हुआ है तो इस डील की राशि जनता को बताना चाहिए।

PHOTO: (MARK SCHIEFELBEIN/AFP/Getty Images)

इस बीच मंगलवार (6 फरवरी) को राफेल विमान सौदे को लेकर मोदी सरकार पर कांग्रेस ने न सिर्फ हमला बोला है, बल्कि घोटाले का आरोप भी लगाया है। कांग्रेस ने मंगलवार को एनडीए सरकार पर राफेल लड़ाकू विमान सौदा कर राष्ट्रीय हित एवं सुरक्षा के साथ सौदा करने का आरोप लगाया और कहा कि इसमें घोटाले की बू आ रही है, क्योंकि सौदे के लिए बातचीत में कोई पारदर्शिता नहीं है।कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस सौदे को लेकर ट्वीट के जरिये सरकार पर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि, ‘अति गोपनीय ( वितरण के लिए नहीं)। आरएम ( रक्षा मंत्री) कहती हैं कि प्रत्येक राफेल विमान के लिए प्रधानमंत्री और उनके ‘भरोसेमंद’ मित्र के बीच हुई बातचीत एक राजकीय गोपनीयता है।’ राहुल ने कहा कि, ‘एक्शन प्वाइंट। मूल्य के बारे में संसद को सूचित करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा। जो भी पूछे, उसे राष्ट्र विरोधी घोषित कर दो।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने इस ट्वीट पर हैशटैग दिया ‘बड़ा राफेल रहस्य।’

PM मोदी ने पेरिस जाकर बदली डील

वहीं, ट्विटर के अलावा राहुल गांधी ने मंगलवार को संसद परिसर में पत्रकारों से कहा कि रक्षामंत्री का इनकार संकेत करता है कि इसमें घोटाला हुआ है। रक्षामंत्री के संसद में राफेल विमान की कीमत बताने से इनकार करने को मुद्दा बनाते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगया कि इसमें घोटाला हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष ने राफेल को लेकर सरकार पर यह ताजा हमला राज्यसभा में सोमवार को इसकी कीमत का खुलासा करने से रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के इनकार के बाद किया है।

कांग्रेस सांसद राजीव गौड़ा के सवाल के लिखित जवाब में रक्षामंत्री ने एक रॉफेल विमान कितने में खरीदी गई है इसका ब्यौरा नहीं दिया था। राहुल गांधी ने कहा कि, ”पहली बार हो रहा है कि रक्षा मंत्री कह रहीं है कि जो पैसा दिया है विमान खरीदने के लिए वो किसी को नहीं बताएंगे। ये क्या तरीका है? मैंने गुजरात के चुनाव में भी यह मुद्दा उठाया। मैंने कहा कि डील में घपला हुआ है।”

पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि, ”प्रधानमंत्री ने पर्सनली ये डील करवाई है। इसके लिए प्रधानमंत्री पर्सनली पेरिस गए। वहां पर डील में बदवाल किए गए। ये बात पूरा हिंदुस्तान जानता है। लेकिन रक्षा मंत्री कहती हैं कि हम देश को नहीं बताएंगे। इसका सिर्फ एक ही मतलब कि कोई ना कोई घपला जरूर हुआ है।” बता दें कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि राफेल डील से जुड़ी सूचनाएं गोपनीय हैं, इसलिए इसे साझा नहीं किया जा सकता।

रक्षा मंत्री ने कहा कि, ”भारत और फ्रांस के बीच राफेल विमान की खरीद को लेकर हुए अंतर-सरकार समझौता के अनुच्छेद 10 के अनुसार, 2008 में भारत और फ्रांस के बीच किए गए सुरक्षा समझौते के प्रावधान विमानों की खरीद, गुप्त सूचनाओं की सुरक्षा व सामग्री के आदान-प्रदान पर लागू हैं।” बता दें जनता का रिपोर्टर ने राफेल विमान सौदे को लेकर दो भागों (पढ़िए पार्टी 1 और पार्टी 2 में क्या हुआ था खुलासा) में बड़ा खुलासा किया था। जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में भुचाल आ गया।

राफेल डील को लेकर सोशल मीडिया पर चौतरफा घिरी मोदी सरकार, लोगों ने सरकार चुप्पी पर उठाए सवाल:-

https://twitter.com/YashwantSinhaa/status/961081954870353920

https://twitter.com/anilcho71793207/status/961070215520858112

https://twitter.com/SirRavish_/status/961077583109656576

https://twitter.com/RoflCritic_/status/960851711253536769

गुलाम नबी आजाद ने रक्षा मंत्री की मंशा पर जताया संदेह 

राहुल के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आज इसी मुद्दे पर संवाददाताओं से कहा कि सरकार राफेल विमान का मूल्य संसद में भी खुलासा नहीं करना चाहती, जिससे उसकी मंशा पर सन्देह पैदा होता है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘मोदी सरकार राष्ट्रीय हित एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता करने के माफ नहीं किए जाने वाले खेल में लगी है। भारतीय वायु सेना के लिए लड़ाकू विमान की खरीद में बड़े घोटाले की बू आ रही है।’

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष आजाद ने कहा कि, ‘बड़ी आशंकाएं हैं तथा सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान होने की बात सार्वजनिक स्तर पर ज्ञात है तथा सरकार सत्य बताने से इंकार कर रही है।’ आजाद ने कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और पार्टी प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य राजीव गौड़ा की उपस्थिति वाले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समय आ गया है कि प्रधानमंत्री को राफेल सौदे पर कांग्रेस द्वारा उठाये गये सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सौदे पर सरकार ने पूर्ण एवं सोची समझी चुप्पी साध रखी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विमान के खरीद मूल्य में पूरी तरह से अपारदर्शिता रही, रक्षा खरीद प्रक्रिया के अनिवार्य प्रावधानों का उल्लंघन किया गया और कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति से पूर्व अनुमति नहीं ली गई. आजाद ने कहा कि सरकार को उन लड़ाकू विमानों के मूल्य का खुलासा करना चाहिए जिनकी प्रधानमंत्री ने अपनी फ्रांस यात्रा के दौरान निर्धारित मूल्यों की अनदेखी कर खरीद की।

उन्होंने उपलब्ध सूचना के आधार पर दावा करते हुए कहा कि राजग के शासन काल में यह प्रति विमान 1570.8 करोड़ रुपये में खरीदा गया, जबकि संप्रग के समय में इस विमान के लिए 526.1 करोड़ रुपये पर सहमति बनी थी। उन्होंने कहा कि, ‘यह विमान इसी कंपनी द्वारा कतर को 694.8 करोड़ रुपये में बेचा गया तो यह 100 प्रतिशत अधिक दाम पर भारत को क्यों बेचा गया?’ सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अनिवार्य रक्षा खरीद प्रक्रिया की अनदेखी कर 36 विमान खरीदने का निर्णय एकपक्षीय ढंग से कैसे कर लिया जबकि उस समय फ्रांस के साथ कोई अंतर सरकारी समझौता नहीं था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here