‘अंग्रेजी के मोह को अजीब सी ‘विकृति’ बताने वाले शिवराज सिंह चौहान खुद अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूलों में बढ़ाते हैं’

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देश में पिता को ‘डैड’ कहे जाने को अंग्रेजी के मोह से जुड़ी अजीब सी विकृति करार देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस चलन की निंदा की है। शिवराज ने शुक्रवार (24 नवंबर) को कहा कि भारत में मम्मी-पापा को माता-पिता कहा जाना चाहिए। हालांकि यह बात अलग है कि खुद सीएम शिवराज सिंह के दोनों बेटे अंतरराष्ट्रीय स्तर के अंग्रेजी स्कूलों से शिक्षा प्राप्त किए हैं।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दो बेटे हैं कार्तिकेय और कुणाल सिंह चौहान। कार्तिकेय के फेसबुक स्टेटस के मुताबिक उनकी स्कूलिंग शिक्षा गुड़गांव के मशहूर इंग्लिश मीडियम स्कूल पाथवे वर्ल्ड स्कूल से हुई है, जबकि पुणे के मशहूर सिम्बॉयसिस कॉलेज से उन्होंने कानून की पढ़ाई की है। इसके अलावा शिवराज के छोटे बेटे कुणाल फिलहाल अमेरिका से लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं।

क्या कहा शिवराज सिंह ने?

दरअसल, न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबित हजारों स्कूली बच्चों के एक साथ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन कार्यक्रम में शिवराज ने कहा कि, ‘आजकल माता-पिता की जगह मम्मी-पापा का चलन कुछ ज्यादा हो गया है। अंग्रेजी के मोह में हम भी कई बार पिता को ‘डैड’ भी कह देते हैं।’

उन्होंने अपने बचपन का किस्सा सुनाते हुए कहा कि, ‘मेरे एक मित्र के पिताजी का स्वर्गवास हो गया था। मित्र अंग्रेजी प्रेमी थे। मित्र ने अंग्रेजी में मुझसे कहा कि उनके पिता डेड हो गए। (डेड शब्द की आवाज डैड की तरह आती है)’ मुख्यमंत्री ने पिता को “डैड” कहे जाने के चलन के संदर्भ में कहा कि, ‘यह अजीब-सी विकृति हमारी सोच में आ गई है। लेकिन हमारे लिये माता-पिता पूजनीय हैं।

शिवराज ने पिता को ‘डैड’ कहने को अंग्रेजी के मोह से जुड़ी अजीब विकृति करार देते हुए कहा कि, ‘पश्चिम में पिता के लिए ‘डैड’ शब्द का चलन ठीक हो सकता है, लेकिन हमारे लिए माता-पिता पूजनीय हैं।’ वंदे मातरम के सामूहिक गान के कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय संगठन सांस्कृतिक एवं नैतिक प्रशिक्षण संस्थान ने किया था।

 

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