चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को कानून बनाने की दी हिदायत

0

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार(5 जुलाई) को केंद्र सरकार से सवाल किया कि भारत निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए संविधान में किए गए प्रावधानों के अनुरूप कोई कानून क्यों नहीं है। बहरहाल, न्यायालय ने यह भी कहा कि अभी तक निर्वाचन आयोग में अच्छे लोगों की नियुक्ति हुई है।NEETमुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 में प्रावधान किया गया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति तय कानून के तहत होगी, लेकिन अभी तक कोई कानून नहीं बनाया गया है।

पीठ ने केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार से पूछा, ‘आशा है कि संसद कानून बनाएगी। कानून नहीं बनाया गया है, ऐसे में क्या अदालत प्रक्रिया तय कर सकती है।’ पीठ वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से अनूप परनवाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

याचिका में कहा गया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्तों और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया होनी चाहिए। याचिका में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए स्वतंत्र प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्तों और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए भी ऐसी ही प्रक्रिया होनी चाहिए। बता दें कि वर्तमान में प्रधानमंत्री और मंत्रियों की काउंसिल चुनाव आयुक्त पर फैसला लेते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here