मोदी समर्थक सद्गुरु ने ‘स्वच्छ भारत’ के लिए PM की प्रशंसा में पोस्ट की अफ्रीका की ‘फर्जी’ वीडियो, हुए ट्रोल

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इन दिनों अगर आपको तत्काल प्रसिद्धि पाना हो तो सोशल मीडिया से बेहतरीन मंच कुछ और नहीं हो सकता। सोशल मीडिया पर आप कुछ भी पोस्ट कर रातोरात स्टार बन सकते हैं। लेकिन किसी भी पोस्ट या तस्वीर को शेयर करने से पहले आपको इस बात का पता लगाना अति आवश्यक है कि वो आपके द्वारा पोस्ट या शेयर किया जा मैसेज सच है या झूठ। क्योंकि, सोशल मीडिया ऐसा मंच है जहां आप फर्जी मैसेज या तस्वीर को शेयर कर बच नहीं सकते हैं।

फाइल फोटो: PTI

इस मंच पर एक से बढ़कर एक एक्सपर्ट आप पर गिद्ध की तरह नजर गड़ाए बैठे हुए हैं, जो पलभर में आपकी पोल खोल देंगे और आप ट्रोल हो जाएंगे। जी हां, ताजा मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घोर समर्थक स्वयंभू गुरु सद्गुरु से जुड़ा है, जिन्होंने एक फर्जी वीडियो ट्वीटर पर पोस्ट कर दी, जिसका बाद में फर्दाफाश हो गया और उन्हें ट्रोल होना पड़ा।

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दरअसल, स्वयंभू गुरु जग्गी वासुदेव ने गुरुवार(7 जुलाई) को साउथ अफ्रिका के क्रूगर नेशनल पार्क की एक वीडियो को पोस्ट करते हुए उसे पीएम मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ से जोड़ दिया। सद्गुरु ने जो वीडियो पोस्ट की थी उसमें एक हाथी कचरों को उठाकर डस्टबिन में डाल रही है।

यहां तक तो ठीक था, लेकिन उन्होंने वीडियो के साथ ट्विटर पर लिखे गए अपने पोस्ट में यह संकेत देने की कोशिश करते नजर आए कि पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की वजह से भारतीय जानवर स्वच्छता के प्रति सचेत हो गए हैं। 

होना पड़ा ट्रोल

सद्गुरु द्वारा पोस्ट की गई इस वीडियो को उनके समर्थक तेजी से शेयर करने लगे और कुल ही देर में यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि, बाद में सद्गुरु को ट्रोल होना पड़ा क्योंकि, जिस वीडियो को भारतीय होने का दावा किया गया था वह वीडियो फर्जी थी।

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वीडियो वायरल होते हुए यूजर्स ने सद्गुरु को याद दिलाया कि उनकी तस्वीर नकली है, क्योंकि यह वीडियो भारत की नहीं बल्कि अफ्रीका के क्रूगर नेशनल पार्क की है। बता दें कि इस वीडियो के बारे में नवंबर 2015 में डेली मेल में प्रकाशित एक लेख में जिक्र किया गया था। इस प्रशिक्षित हाथी के बारे में लेख में बताया गया था कि उसने कचरे को उठाने के लिए अपने पैर का सहारा लिया था।

 

बाद में दी सफाई

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हालांकि, ट्रोल होने के बाद उन्होंने उस फर्जी तस्वीर को डिलीट कर दिया। सार्वजनिक रूप से शर्मिंदगी का सामना करने के बाद वासुदेव अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने बाद में इसका मूल वीडियो ट्वीट किया। और अपनी सफाई में उन्होंने कहा कि इस ट्वीट के जरिए उनका इरादा हास्य से था। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि यह तस्वीर साउथ अफ्रीका के क्रूगर नेशनल पार्क का है।

 

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