योगी के अधिकारी का सरकारी मुलाजिमों को फरमान, BJP कार्यकर्ताओं का करें सम्मान वरना कठोर कार्रवाई होगी

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सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के नेताओं को जेल भेजने वाली सीओ श्रेष्ठा ठाकुर के तबादले का मामला अभी ठंडा ही नहीं हुआ कि अब योगी सरकार के एक अधिकारी द्वारा जारी एक विवादित फरमान को लेकर हंगामा शुरू हो गया है।दरअसल, योगी सरकार के एक अधिकारी ने अपने मातहत आने वाले कर्मचारियो को एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि अधिकारी बीजेपी नेताओ और कार्यकर्ताओं का सम्मान करें, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हैरानी की बात यह है कि यह आदेश भी मौखिक नहीं, बल्कि लिखित में जारी किया गया है।

 

जी हां, यह मामला उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में स्थित उरई के बिजली विभाग है। फरमान जारी करने वाले अधिकारी का नाम किशन सिंह है, जो बिजली विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर (अधीक्षण अभियंता) जैसे पद पर कार्यरत हैं। किशन सिंह ने बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी यानि एसडीओ जालौन को जारी फरमान में बीजेपी कार्यकर्ताओं को सम्मान देने और उनके साथ उचित व्यवहार करने की हिदायत दी है।

इंजीनियर ने अपने आदेश में लिखा है, ‘संज्ञान में आया है कि आपके द्वारा पार्टी (बीजेपी) पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति सही व्यवहार नहीं किया जा रहा है। अत: आपको निर्देशित किया जाता है कि पार्टी (बीजेपी) के पदाधिकारियों एव कार्यकर्ताओं से सम्मान के साथ व्यवहार करें तथा आपको चेतावनी दी जाती है कि भविष्य में दुबारा कोई इस प्रकार की बात अद्योहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष नहीं आनी चाहिए अन्यथा की स्थिति में कड़ी कार्यवाही की जाएगी।’

यह आदेश पिछले महीने 30 जून को जारी किया गया था। इस फरमान से एक बात तो साफ है कि सरकार बदलने के साथ अधिकारियों के चेहरों के रंग तो बदल जाते हैं, लेकिन सरकार के प्रति भक्ति की जो भावना होती है वह जारी रहती है।

अधिकारी ने बताई वजह

इस आदेश को जारी करने वाले इंजीनियर किशन सिंह का कहना है कि जिलाधिकारी की बैठक में कुछ सांसदों, अन्य जनप्रतिनिधियों और बीजेपी कार्यकर्ताओं जालौन के एसडीओ के खराब व्यवहार की शिकायत की थी। इसी वजह से उन्हें यह लेटर जारी किया गया है। अधि‍कारी अगर जनप्रतिनिधियों से सही व्यवहार नहीं करेंगे तो जनता के साथ क्या व्यवहार होगा।

BJP नेताओं की दबंगई

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनते ही पार्टी के नेताओं द्वारा दबंगई दिखाए जाने के कई मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला ‘लेडी सिंघम’ श्रेष्ठा ठाकुर का है, जिन्होंने सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं को जेल भेजने दिया था, जिसका नतीजा यह हुआ कि सीओ श्रेष्ठा ठाकुर का 1 जुलाई को बुलंदशहर के स्याना पुलिस थाने से तबादला कर बहराइच भेज दिया गया।

इतना ही नहीं श्रेष्ठा ठाकुर के तबादले पर बीजेपी के सांसद ने कहा कि उस महिला(श्रेष्ठा ठाकुर) का व्यवहार सही नहीं था। साथ ही सांसद ने पार्टी कार्यकर्ता का समर्थन करते नजर आए। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में मेरठ-हापुड़ लोकसभा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा, ‘पुलिसवालों का रवैया सही नहीं है, उन्हें अपनी मर्यादा में रहकर काम करना चाहिए। महिला अधिकारी का व्यवहार सही नहीं था, बीजेपी कार्यकर्ता ने कोई बदतमीजी नहीं की थी, जबकि लेडी डीएसपी उसपर अग्रेसिव होती जा रही थी।’

 

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