क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया के BJP में आने से नाराज हैं प्रभात झा? ट्वीट कर कहीं यह बात

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रभात झा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी नाराजगी की खबरों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। मध्य प्रदेश बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष प्रभात झा ने नाराजगी से जुड़ी सभी खबरों का खंडन करते हुए कहा कि निरर्थक और निराधार ख़बरों से मेरा कोई संबंध नहीं है। साथ ही उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया का भाजपा में स्वागत किया है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया

दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने पर प्रभात झा की नाराजगी की खबरे सामने आई थीं। कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि दिग्गज भाजपा नेता प्रभात झा ज्योतिरादित्य सिंधिया की वजह से पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। यहां तक दावा किया जा रहा है कि वह अपने साथ कुछ विधायकों को भी भाजपा से निकालकर ले जा सकते हैं। हालांकि, इन खबरों के आने के बाद प्रभात झा ने ट्वीट कर साफ-साफ कहा कि वह पार्टी से नाराज नहीं हैं।

भाजपा से प्रभात झा की कथित नाराजगी को लेकर उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, “निरर्थक और निराधार ख़बरों से मेरा कोई संबंध नहीं है। इस शरारतपूर्ण खबर कि मैं भर्त्सना करता हूं। मेरी प्रामाणिकता, नैतिकता और पार्टी निष्ठा को कोई चुनौती नहीं दे सकता।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, “6 अगस्त 2019 को श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह यह ट्विट किया कि: मैं भारत में जम्मू कश्मीर और लद्दाख के पूर्ण विलय के लिए उठाए गए कदम का समर्थन करता हूं। यह देश के हित में है और मैं इसका समर्थन करता हूं। इस ट्विट के बाद यह बात स्पष्ट हो गई थी कि श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, श्री मोदी जी और श्री अमित शाह जी के राष्ट्रहित में लिए गए फैसले के साथ खड़े हैं। यह ट्विट ही यह सन्देश दे रहा था की श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा के करीब आ रहे हैं।”

प्रभात झा ने इसके बाद एक और ट्वीट किया और उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया का भाजपा में स्वागत किया। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “मुझे ख़ुशी है कि श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा की सदस्यता स्वीकारते हुए राजमाता सिंधिया को सच्ची श्रद्धांजली दी है। भाजपा परिवार में शामिल होने पर हम उनका स्वागत करते हैं।”

गौरतलब है कि, झा और सिंधिया दोनों ग्वालियर संभाग से ही आते हैं और दोनों की राजनीति में छत्तीस का आंकड़ा माना जाता है। प्रभात झा दो-दो बार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं और मौजूदा समय में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। लेकिन लंबे समय से पार्टी में उनको अनदेखा किया जा रहा है। खासकर उनकी नाराजगी की खबरें इसलिए फैलीं भी क्योंकि सिंधिया को भाजपा में आने के बाद उन्हें राज्यसभा में भेजा जाना लगभग तय है, जबकि प्रभात झा की राज्यसभा सदस्यता खत्म हो रही है। ऐसे में अगर सिंधिया को भाजपा ने टिकट दिया तो फिर प्रभात झा को राज्यसभा पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

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