गुजरात चुनाव: विवादों में आया BJP का कथित सांप्रदायिक वीडियो, पुलिस ने शुरू की जांच

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चुनाव आयोग की सख्त हिदायतों के बाद भी सोशल मीडिया पर मुसलमानों का डर दिखाकर नफरत फैलाने वाले वीडियो का अपलोड होना जारी है। इस तरह के वीडियो एक वर्ग विशेष को समाज का दुश्मन दिखाकर नफरत फैलायी जा रही है जबकि वीडियो में संदेश दिया जा रहा है कि मुसलमानों से डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि मोदी हमारे साथ है। प्रधानमंत्री मोदी का नाम जोड़कर यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

गुजरात

फिलहाल, इस वीडियो की जिम्‍मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली है। वहीं दूसरी ओर एक सामाजिक कार्यकर्ता ने इस वीडियो को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि गुजरात चुनाव में ‘मतों के ध्रुवीकरण’ के मकसद के साथ मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए क्लिप का प्रसार किया जा रहा है।

ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क (HRLN) में मानव अधिकारों के वकील गोविंद परमार ने चुनाव आयोग व गुजरात पुलिस को पत्र लिखकर इस वीडियो क्लिप का प्रसार रोकने को कहा है। परमार का कहना है कि इस क्लिप का इस्‍तेमाल राज्‍य में वोटों के धुव्रीकरण और मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए हो सकता है।

गुजराती भाषा में बनाया गया यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखाया गया है कि एक लड़की घबराई हुई है ओर काफी तेज गति से चल रही है। यह लड़की एक मौहल्ले से गुजर रही है वहां अजान की आवाज भी सुनाई दे रही है।

लड़की को डर है कि कहीं उसके साथ यहां कुछ घटना न हो जाए जबकि दूसरी तरफ इस वीडियो के विज्ञापन में उसके घर के दृश्यों को दिखाया गया है जहां उसके माता-पिता अपनी लड़की का इंतजार कर रहे है। घर में भगवान कृष्‍ण की फोटो टंगी है। जब लड़की घर पहुंचती है तो उसकी मां उसे गले लगा लेती है, बाप राहत भरी सांस लेते हुए बेटी के माथे पर हाथ फेरता है।

इसके बाद लड़की का पिता कहता है, 22 साल पहले, ऐसा हुआ करता था। और ऐसा फिर हो सकता है अगर वो लोग आए तो। फिर लड़की बोलती है, परेशान मत हो, कोई नहीं आएगा। क्‍योंकि यहां मोदी है। फिलहाल, अभी तक किसी ने भी इस वीडियो को बनाने और प्रसारित करने की जिम्मेदारी नहीं ली है। बता दें कि, यह कथित वीडियो क्लिप 1.15 मिनट का है। क्लिप का समापन ‘हमारा वोट, हमारी सुरक्षा’ के साथ होता है।

वीडियो के माध्यम से साम्प्रदायिकता का जहर फैला कर एक वर्ग विशेष को इस प्रकार से चित्रित करने को लेकर वकील परमार का कहना है, यह साफ है कि वीडियो का मकसद बहुसंख्‍यकों में मुस्लिमों के प्रति डर फैलाना है। यह वोटों के ध्रुवीकरण के लिए किया गया है, जो कि एक अपराध है। मैंन पोस्‍ट से और ई-मेल से चुनाव आयोग और क्राइम ब्रांच को शिकायत भेजी है।

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी बीबी स्वायन ने इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस को इस मामले की जांच के लिए इसका आदेश दिया है।

गौरतलब है कि, गुजरात में दो चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। पहले चरण का चुनाव 9 दिसंबर, जबकि दूसरे चरण का चुनाव 14 दिसंबर को होगा। बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव की मतगणना हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए हुए चुनाव के साथ 18 दिसंबर को होगी।

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