जारी विवाद के बीच जी-20 सम्मेलन के दौरान PM मोदी और शी जिनपिंग की नहीं होगी मुलाकात

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भारत के खिलाफ और जहर उगलते हुए चीन के सरकारी दैनिक अखबार ग्लोबल टाइम्स ने गुरुवार(6 जुलाई) को चेतावनी दी कि यदि नई दिल्ली सीमा पर आमने-सामने आकर क्षेत्र पर अपना आधिपत्य जमाने की कोशिशें बंद नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में बीजिंग भी सिक्किम की आजादी के समर्थन में अपीलों का साथ दे सकता है।

मोदी
file photo

पीटीआई की ख़बर के मुताबिक, चीन ने कहा है कि जर्मनी के हैम्बर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता के लिए ‘‘माहौल सही नहीं है।’’ गौरतलब है कि दोनों देशों की सेना के बीच सिक्किम सेक्टर में गतिरोध चल रहा है।

ख़बरों के मुताबिक, हैम्बर्ग में कल से शुरू हो रहे जी20 शिखर सम्मेलन से पहले चीनी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता के लिए माहौल सही नहीं है।’

पीएलए की निर्माण शाखा द्वारा सड़क बनाने का प्रयास किये जाने के बाद चीन और भारत के बीच पिछले 19 दिनों से भूटान-चीन-भारत सीमा पर डोकलाम क्षेत्र में गतिरोध चल रहा है। इस क्षेत्र का भारतीय नाम डोक ला है जबिक भूटान इसे डोकलाम और चीन इसको डोंगलांग कहता है। खबरें थीं कि गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हैम्बर्ग में बैठक हो सकती है।

बता दें कि, चीन के सरकारी दैनिक अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि भारत के दलाई लामा कार्ड के प्रति चीन पहले से चौकन्ना है, लेकिन भारत इसका पहले ही काफी इस्तेमाल कर चुका है तथा इसलिए तिब्बत मामले पर इसका और कोई असर नहीं पड़ने वाला। लेकिन यदि बीजिंग भारत से संबंधित संवेदनशील मुद्दों पर अपना रख बदलता है तो नई दिल्ली से निपटने के लिहाज से यह काफी शक्तिशाली कार्ड होगा।

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