निर्भया रेप केस: दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी करने वाले जज सतीश अरोड़ा का ट्रांसफर

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देश की राजधानी दिल्ली में 2012 के निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले में फांसी की सजा पाए चार दोषियों के खिलाफ हाल ही में डेथ वारंट जारी करने वाले सत्र न्यायाधीश का स्थानांतरण कर दिया गया है।

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समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जिला न्यायाधीश, पटियाला हाउस कोर्ट को लिखे गए एक पत्र में कहा गया है कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा का स्थानांतरण एक वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में अतिरिक्त रजिस्ट्रार के पद पर किया गया है।

सतीश अरोड़ा स्थानांतरण से पहले निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले के अलावा अन्य मामलों की सुनवाई कर रहे थे। मामले को जल्द ही किसी अन्य न्यायाधीश को सौंपे जाने की संभावना है।

बता दें कि, निर्भया सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्याकांड मामले में दिल्ली की अदालत ने शुक्रवार (17 जनवरी) को सभी चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया। इस नए डेथ वारंट के अनुसार अब 22 जनवरी की जगह सभी दोषियों को एक फरवरी की सुबह छह बजे फांसी की सजा दी जाएगी।

निर्भया की मां आशा देवी ने निर्भया केस के दोषियों को नया डेथ वॉरंट जारी होने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा कि था, “जो मुजरिम चाहते थे वही हो रहा है। तारीख पे तारीख… तारीख पे तारीख दे रहे हैं। हमारा सिस्टम ऐसा है कि जहां दोषी की सुनी जाती है। जब तक मेरी बेटी के दोषियों को फांसी नहीं होती, मुझे संतुष्टि नहीं मिलेगी।”

गौरतलब है कि, दक्षिण दिल्ली में 16-17 दिसंबर 2012 की रात में छात्रा के साथ चलती बस में छह व्यक्तियों ने सामूहिक बलात्कार के बाद उसे बुरी तरह जख्मी करके सड़क पर फेंक दिया था। इस छात्रा की बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर में माउन्ट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गई थी।

इस मामले के छह आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी जबकि एक अन्य आरोपी नाबालिग था, जिसे किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी। इस आरोपी को सुधार गृह में तीन साल गुजारने के बाद रिहा कर दिया गया था।

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