ED ने NDTV के खिलाफ शुरु की मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीवी चैनल एनडीटीवी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है। गुरुवार(27 जुलाई) को प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि मनी लॉन्डरिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की गई है साथ ही अधिकारी ने कहा है कि यह विदेशी धन लेनदेन के संबंध में जांच की जा रही है।

ख़बरों के मुताबिक, अधिकारी का कहना है कि एजेंसी द्वारा जांच किए गए सटीक शुल्क के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं थी, क्योंकि यह मामला उप-न्यायिक है। एनडीटीवी ने इसी बीच, पिछले 24 घंटों में केंद्रीय जांच एजेंसियों(CBI) द्वारा धमकी का आरोप लगाया है।

यह कहा गया है कि तीन केंद्रीय एजेंसियों- सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग एनडीटीवी पर एक लेनदेन पर हमला कर रहे हैं, जिसमें जीई, यूएसए ने एनडीटीवी में 150 मिलियन अमरीकी डालर का निवेश किया है। पूरी तरह से वैध और सार्वजनिक तौर पर आधिकारिक तौर पर घोषित निवेश-जो कि वे इसे एक (sham transaction)फेक लेनदेन कह रहे हैं।

विशेष रूप से यह चौंकाने वाला आयकर विभाग से 429 करोड़ रुपये की मांग है। डिपार्टमेंट के पत्र में कहा गया है कि एनडीटीवी ने इस राशि को तुरंत (sic!) का भुगतान करना होगा, यह एक सार्वजनिक बयान में कहा गया है। इसमें कहा गया है कि आईटी विभाग द्वारा किसी भी नोटिस की अवधि के बिना तत्काल भुगतान की मांग अनसुनी और अशुभ इरादों की चपेट में आती है।

वहीं दूसरी और चैनल का कहना है कि सीबीआई एक “ढोंगी मछली पकड़ने के अभियान” में शामिल हो रही है और उसने एनडीटीवी और इसकी सहायक कंपनियों से अनिर्दिष्ट अवधि के लिए पत्रों की मांग की है। एनडीटीवी ने दो हफ्ते पहले ही 500 से ज्यादा पृष्ठों के दस्तावेजों की आपूर्ति की है। आश्चर्यजनक यह है कि, सीबीआई इन दस्तावेजों को स्वीकार नहीं करती है।

ख़बरों के मुताबिक, पृथक रूप से प्रवर्तन निदेशालय ने कल मुंबई उच्च न्यायालय को बताया था कि वह पीएमएलए के तहत उल्लंघन के लिए एनडीटीवी की जांच कर रहा है।

बता दें कि इससे पहले 5 जून को भी सीबीआई ने वित्तीय लेन देन के एक मामले में एनडीटीवी के दफ़्तर और प्रणय रॉय के घर पर छापा मारा था। तब एनडीटीवी ने सीबीआई के इस कदम को प्रेस की आजादी पर हमला बताया था। जिसके बाद इस मुद्दे पर सरकार ने भी सफाई दी और कहा था कि उनकी सीबीआई के छापे में कोई रोल नहीं है।

 

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