एकता की मिसाल: बसीरहाट हिंसा के भेंट चढ़ा दुकान, हिंदू पड़ोसियों के मदद के लिए मुसलमानों ने जुटाए रुपये

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एक आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट को लेकर पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना स्थित बसीरहाट में हिंसक घटनाओं के बाद अब भी तनाव बना हुआ है। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। दरअसल, कई राजनीतिक पार्टियां इस हिंसा के आग में घी डालने का काम कर रही हैं, जिस वजह से यह आग बुझ नहीं पा रही है। हालांकि, इस हिंसा के बीच से एक ऐसी खबर आई जो हिंदू-मुस्लिम की एकता की एक मिसाल है।

PTI Photo

दरअसल, हिंसा के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ हिंसक प्रदर्शनकारियों ने इलाके में रह रहे हिंदू समुदाय के लोगों पर हमला कर दिया और उनके घरों और दुकानों में तोड़फोड़ कर काफी नुकसान पहुंचा दिए। जिससे आहत मोहम्मद नूर इस्लाम गाजी ने अन्य मुसलमानों को साथ लेकर अपने हिंदू पड़ोसियों की मदद को आगे आए।

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‘इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, इसके तहत गाजी ने अपने साथ कई मुसलमानों को इकट्ठा किए और हिंसा की भेंट चढ़े स्थानीय निवासी अजय पाल की पान बीड़ी की टुटी हुई दुकान के बाहर जमा हो गए। गाजी और अन्य मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पाल से बातचीत की और उससे फिर से अपनी पान बीड़ी की दुकान खोलने की गुजारिश की।

इतना ही नहीं गाजी ने पाल को समझाया कि वो उनसे 2 हजार रुपए ले ले और फिर से अपनी दुकान चालाना शुरु कर दे। रिपोर्ट के मुताबिक, गाजी सहित अन्य मुस्लिम समुदाय के अन्य लोग भी अपने हिंदू पड़ोसियों की मदद के लिए आगे आए हैं। बता दें कि इस हिंसा में करीब 100 घरों और दुकानों में तोड़फोड़ एवं लूटपाट की गई थी।

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इस हिंसा पर बात करते हुए अजय पाल ने कहा कि इस हिंसा में मैंने अपना काफी सामान खो दिया और 15 हजार रुपए लोग लूट कर ले गए। उन्होंने सारा सामान दुकान के बाहर निकाल कर फेंक दिया। पाल ने बताया कि मैं नहीं जानता कि क्यों मेरे पड़ोसी और मुस्लिम दोस्त दोबारा से काम शुरु करने के लिए मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं।

पाल ने बताया कि मैंने अभी उनसे मदद नहीं ली है, लेकिन इस पर मैं जल्दी ही कोई फैसला लूंगा। वहीं, अन्य स्थानीय निवासी रुमा डे को भी 2 हजार रुपए की मदद की पेशकल की गई है। इस हिंसा को लेकर गाजी ने कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद के तोड़े जाने के बाद भी हमारे इलाके में बहुत शांति थी, लेकिन जो मंगलवार को हुआ वह सही नहीं था।

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गाजी ने कहा कि इस हिंसा में कुछ बाहर के लोग और कुछ स्थानीय युवक शामिल थे। इस निंदनीय घटना के बाद अब हमें अपने हिंदू पड़ोसियों के लिए पैसा इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि इससे उनके नुकसान की भरपाई हो सके और वे एक नई शुरुआत कर सकें।

 

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