आम बजट 2018: मोदी सरकार ने किसानों और गरीबों को दिया सौगात

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज मोदी सरकार के अंतिम पूर्ण बजट पेश करते हुए किसानों, ग्रामीणों और गरीबों के जीवनस्तर को सुधारने के लिए सौगातों की बौछार की। उन्होंने अगले साल के बजट में खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना करने, उज्ज्वला योजना के लिए मुफ्त गैस कनेक्शन बढ़ा कर आठ करोड़ करने और दस करोड़ परिवारों को प्रति परिवार पांच लाख रुपए प्रतिवर्ष का चिकित्सा कवर देने की घोषणा की।

अरुण जेटली
file photo- PTI

न्यूज़ एजेंसी वार्ता की ख़बर के मुताबिक, वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए किसानों को आगामी वित्त वर्ष में ऋण देने की राशि बढ़ा कर 11 लाख करोड़ रुपए करने की घोषणा की। सौभाग्य योजना के तहत 16 हजार करोड़ रुपए से चार करोड़ गरीबों के घरों को बिजली के कनेक्शन देने, 2022 तक अपना घर कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 51 लाख मकान बनाये गए हैं और आगामी वित्त वर्ष में इतने ही मकान और बनाए जाएंगे।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो करोड़ नए शौचालय बनाए जाएंगे। स्वराज योजना को प्रोत्साहन देने के लिए तीन लाख करोड़ रुपए की राशि रखी गई है। 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और डेढ़ लाख वेलनेस केंद्रों के लिए 12 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा।

बजट में स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो करोड़ नये शौचालय बनाने का प्रस्ताव है। स्वराज योजना को प्रोत्साहन देने के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। वहीं 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और डेढ़ लाख वेलनेस केंद्रों के लिए 12 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा।

रेलवे में सुधार के लिए कई कदमों की घोषणा करते हुये इसके लिए आवंटन को एक लाख 41 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक लाख 48 हजार 528 करोड़ रुपये किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से सभी ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे और वाई-फाई की सुविधायें मुहैया करायी जाएंगी। कुल 3,600 किलोमीटर पटरियों का नवीनीकरण किया जाएगा और अगले दो साल में 4267 मानव-रहित रेलवे क्रॉसिंग को समाप्त किया जाएगा।

बजट में मुद्रा योजना के लिए तीन लाख करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए 56,619 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए 39,135 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है. गंगा किनारे के 115 जिलों को आदर्श जिलों के रूप में विकसित किया जाएगा।

बजट में टीबी मरीजों के पौष्टिक आहार के लिए 600 करोड़ रुपये, जबकि बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए 1,290 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। आलू, टमाटर और प्याज के लिए ऑपरेशन ग्रीन योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।

प्रदूषण की समस्या पर विशेष ध्यान देते हुये सरकार ने दिल्ली के पड़ोसी राज्यों को पराली जलाने के लिए रियायती दर पर मशीन देने का बजटीय प्रस्ताव रखा है। जेटली ने जब-जब गरीबों और किसानों के लिए बजटीय प्रस्तावों की घोषणा की, तब-तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुलकर मेज थपथपाई।

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