आम बजट 2018: मिडिल क्लास को मायूसी- कस्टम ड्यूटी बढ़ी, इनकम टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं, जानिए बजट की खास बातें

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वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार (1 फरवरी) को संसद में साल 2018 का आम बजट पेश कर दिया है। बजट में इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 40 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन यानी जितना वेतन है उसमें से 40 हजार रुपये घटाकर जो रकम बचेगी उस पर ही टैक्स लगेगा।

Photo: Livemint

सरकार ने फैसला लिया है कि कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जाएगी। कस्टम ड्यूटी के बढ़ाए जाने के फैसले से मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, फ्रिज महंगे होंगे। दरअसल, मेक इन इंडिया के तहत सरकार नई कंपनियों को बढ़ावा देने में लगी है। इसलिए कस्टम डयूटी बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक आइटम के दाम भी बढ़ सकते हैं, क्योंकि कंपनियां इन बढ़े हुए दामों को ग्राहकों से ही वसूलेगी।

सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा में सेस 1 फीसदी बढ़ाकर 3 फीसदी 4 प्रतिशत कर दिया है। इस बढ़ोतरी का असर स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर सभी क्षेत्रों पर पड़ने वाला है। सेस के साथ ही मोबाइल और टीवी जैसे उपकरण भी महंगे होंगे, क्योंकि कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी गई है। सेस बढ़ाने के कारण इनकम टैक्स पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि इनकम टैक्स पर 1 फीसदी टैक्स लगेगा।

दरअसल ये सामान विदेश से आयात कि जाते हैं। कस्टम ड्यूटी बढ़ने से इन उत्पादों को आयात करने पर लगने वाला खर्च बढ़ता है। इसलिए कंपनियां इन उत्पादों को सस्ता कर देती है। इस बजट में बड़ी बातों पर नजर डालें तो अब देश के 50 करोड़ लोगों को इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक कैशलेस सुविधा दी जाएगी। यह ऐलान मोदी सरकार की ओर से अभी तक का सबसे बड़ा ऐलान हो सकता है।

आपको बता दें कि इस बार का आम बजट देश के इतिहास में पहली बार किसी वित्त मंत्री द्वारा हिंदी में पढ़ा गया है। इस बार का बजट कई मायनों में बेहद खास है। यह मोदी सरकार का आखिरी पूर्णकालिक बजट है, क्योंकि 2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं।

आमतौर पर बजट के बाद ज्यादातर लोगों की यह जिज्ञासा रहती है कि बजट के असर से कौन-कौन सी चीजें सस्ती और महंगी हुईं। यह सस्ते महंगे की मूल वजह दरअसल अप्रत्यक्ष करों में बदलाव से जुड़ी होती है। अब चूंकि जीएसटी लागू होने बाद ज्यादातर अप्रत्यक्ष करों में बदलाव की गुंजाइश पहले ही खत्म हो गई थी।

किसानों, गरीबों को मोदी सरकार ने दिया सौगात

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज मोदी सरकार के अंतिम पूर्ण बजट पेश करते हुए किसानों, ग्रामीणों और गरीबों के जीवनस्तर को सुधारने के लिए सौगातों की बौछार की। उन्होंने अगले साल के बजट में खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना करने, उज्ज्वला योजना के लिए मुफ्त गैस कनेक्शन बढ़ा कर आठ करोड़ करने और दस करोड़ परिवारों को प्रति परिवार पांच लाख रुपए प्रतिवर्ष का चिकित्सा कवर देने की घोषणा की।

वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए किसानों को आगामी वित्त वर्ष में ऋण देने की राशि बढ़ा कर 11 लाख करोड़ रुपए करने की घोषणा की। सौभाग्य योजना के तहत 16 हजार करोड़ रुपए से चार करोड़ गरीबों के घरों को बिजली के कनेक्शन देने, 2022 तक अपना घर कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 51 लाख मकान बनाये गए हैं और आगामी वित्त वर्ष में इतने ही मकान और बनाए जाएंगे।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो करोड़ नए शौचालय बनाए जाएंगे। स्वराज योजना को प्रोत्साहन देने के लिए तीन लाख करोड़ रुपए की राशि रखी गई है। 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और डेढ़ लाख वेलनेस केंद्रों के लिए 12 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा।

बजट में स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो करोड़ नये शौचालय बनाने का प्रस्ताव है। स्वराज योजना को प्रोत्साहन देने के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। वहीं 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और डेढ़ लाख वेलनेस केंद्रों के लिए 12 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा।

रेलवे में सुधार के लिए कई कदमों की घोषणा करते हुये इसके लिए आवंटन को एक लाख 41 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक लाख 48 हजार 528 करोड़ रुपये किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से सभी ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे और वाई-फाई की सुविधायें मुहैया करायी जाएंगी। कुल 3,600 किलोमीटर पटरियों का नवीनीकरण किया जाएगा और अगले दो साल में 4267 मानव-रहित रेलवे क्रॉसिंग को समाप्त किया जाएगा।

बजट में मुद्रा योजना के लिए तीन लाख करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए 56,619 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए 39,135 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है. गंगा किनारे के 115 जिलों को आदर्श जिलों के रूप में विकसित किया जाएगा।

बजट में टीबी मरीजों के पौष्टिक आहार के लिए 600 करोड़ रुपये, जबकि बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए 1,290 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। आलू, टमाटर और प्याज के लिए ऑपरेशन ग्रीन योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।

प्रदूषण की समस्या पर विशेष ध्यान देते हुये सरकार ने दिल्ली के पड़ोसी राज्यों को पराली जलाने के लिए रियायती दर पर मशीन देने का बजटीय प्रस्ताव रखा है। जेटली ने जब-जब गरीबों और किसानों के लिए बजटीय प्रस्तावों की घोषणा की, तब-तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुलकर मेज थपथपाई।

बजट की बड़ी बातें:-

राष्ट्रपति की तनख्वाह अब हर महीने 5 लाख रुपये होगी, उपराष्ट्रपति की 4 लाख और राज्यपाल की सैलरी साढ़े तीन लाख होगी, हर 5 साल में सांसदों के वेतन की भी होगी समीक्षा.

इनकम टैक्स छूट की सीमा में कोई बदलाव नहीं.

जितनी सैलरी है उसमें से 40,000 रु. घटाकर जो रकम बचेगी उस पर टैक्स लगेगा.

250 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियों को देना होगा 25 % टैक्स.

डिपॉजिट पर मिलने वाली छूट 10,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया गया

बजट में भारतीय रेल के लिए 2018-19 में 1,48,528 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं

सभी रेलगाड़ियों को वाई-फाई, सीसीटीवी और अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा.

ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा सुगम बनाने के लिए पांच लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए जाएंगे.

सरकार क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी, जिसका इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा है.

निजी उपक्रमों को भी यूनीक आईडी से जोड़ा जाएगा.

सरकार की स्वच्छ भारत मिशन के तहत और दो करोड़ शौचालयों के निर्माण की योजना है.

वित्त वर्ष 2018-19 में टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए 7,148 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे.

प्रत्येक तीन संसदीय क्षेत्रों में एक सरकारी मेडिकल कॉलेज खुलेगा.

किसानों की मेहनत के बूते 27.5 करोड़ टन से अधिक खाद्यान्न की रिकॉर्ड पैदावार हुई. इसके साथ ही लगभग 30 करोड़ टन बागवानी उत्पादन हुआ.

सिर्फ कारोबार करने में आसानी पर ही नहीं, बल्कि जीवनयापन को सुगम बनाने पर भी ध्यान केंद्रित.

इस साल 70 लाख रोजगारों का सृजन हुआ. सरकार अगले तीन वर्षो में सभी क्षेत्रों में ईपीएफ के तौर पर 12 फीसदी के वेतन का योगदान करेगी.

सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाने का फैसला किया है. देश के 10 करोड़ गरीब और वंचित परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना शुरू की जाएगी. इससे लगभग लगभग 50 करोड़ लोगों को लाभ होगा.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत प्रतिवर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपये का मेडिकल खर्च प्रदान किया जाएगा. यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना होगी.

सरकार स्थाई रूप से सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा की ओर बढ़ रही है.

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण चिंता का विषय. हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली में इस समस्या से निपटने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की जाएंगी.

स्कूली बुनियादी ढांचे के जीर्णोद्धार के लिए ‘राइज’ योजना शुरू की जाएगी जिसके तहत अगले चार वर्षो में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए जाएंगे.

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए एकलव्य स्कूल शुरू किए जाएंगे.

साल 2022 तक 50 फीसदी एसटी आबादी वाले और 20,000 जनजातीय लोगों को नवोदय विद्यालयों के अनुरूप एकलव्य स्कूलों की सुविधा दी जाएगी.

शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार के लिए एकीकृत बी.एड कार्यक्रम शुरू होगा.

देश आठ फीसदी से अधिक विकास दर हासिल करने के मार्ग पर प्रशस्त है.

साल 2018-19 में कृषि के लिए 11 लाख करोड़ रुपये का ऋण प्रस्तावित.

उज्जवला योजना के तहत आठ करोड़ महिलाओं को निशुल्क गैस कनेक्शन, जबकि सौभाग्य योजना के तहत गरीबों को चार करोड़ बिजली कनेक्शन की सुविधा.

– मत्स्यपालन एवं पशुपालन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष बनाए जाएंगे.

– ऑपरेशन ग्रीन के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन.

– कृषि बाजारों के विकास के लिए 2000 करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया जाएगा.

– 470 कृषि उत्पाद बाजार समितियों को ईनैम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) नेटवर्क से जोड़ा गया है, बाकी को मार्च 2018 तक कनेक्ट कर लिया जाएगा.

– सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाकर उत्पादन मूल्य का 1.5 गुना किया जाएगा.

– सरकार कारोबार करने में आसानी के बाद अब गरीबों और मध्यमवर्गीय वर्ग के जीवन को सुगम बनाएगी.

– खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के लिए आवंटन की राशि दोगुनी की जा रही है, विशेष रूप से कृषि प्रसंस्करण और वित्तीय संस्थानों को बढ़ावा दिया जाएगा.

– भारत अब 2500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था है और यह जल्द ही आठ फीसदी की विकास दर हासिल करने के मार्ग पर अग्रसर है.

– कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, इन्फ्रा और वरिष्ठ नागरिकों पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

– वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी छमाही में विकास दर 7.2 से 7.5 फीसदी रहने की उम्मीद.

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