राहुल गांधी ने प्रवासी मजदूरों के साथ बातचीत का वीडियो किया शेयर तो भड़कीं मायावती, कांग्रेस ने किया पलटवार

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बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। मायावती ने शनिवार को उन्होंने एक साथ कई ट्वीट करते हुए यहां तक कह दिया कि, ‘कोरोना लॉकडाउन के कारण करोड़ों प्रवासी श्रमिकों की आज पूरे देश में जो दुर्दशा दिख रही है उसकी असली कसूरवार कांग्रेस है।’ मायावती के इस बयान के बाद कांग्रेस ने भी पलटवार किया है।

मायावती

मायावती ने शनिवार (23 मई) को अपने पहले ट्वीट में लिखा, “आज पूरे देश में कोरोना लाॅकडाउन के कारण करोड़ों प्रवासी श्रमिकों की जो दुर्दशा दिख रही है उसकी असली कसूरवार कांग्रेस है क्योंकि आजादी के बाद इनके लम्बे शासनकाल के दौरान अगर रोजी-रोटी की सही व्यवस्था गाँव/शहरों में की होती तो इन्हें दूसरे राज्यों में क्यों पलायन करना पड़ता?”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “वैसे ही वर्तमान में कांग्रेसी नेता द्वारा लाॅकडाउन त्रासदी के शिकार कुछ श्रमिकों के दुःख-दर्द बांटने सम्बंधी जो वीडियो दिखाया जा रहा है वह हमदर्दी वाला कम व नाटक ज्यादा लगता है। कांग्रेस अगर यह बताती कि उसने उनसे मिलते समय कितने लोगों की वास्तविक मदद की है तो यह बेहतर होता।”

मायावती ने अपने अगले ट्वीट में लिखा, “साथ ही, बीजेपी की केन्द्र व राज्य सरकारें कांग्रेस के पदचिन्हों पर ना चलकर, इन बेहाल घर वापसी कर रहे मजदूरों को उनके गांवों/शहरों में ही रोजी-रोटी की सही व्यवस्था करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की नीति पर यदि अमल करती हैं तो फिर आगे ऐसी दुर्दशा इन्हें शायद कभी नहीं झेलनी पड़ेगी।”

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने आखिरी ट्वीट में लिखा, “बीएसपी के लोगों से भी पुनः अपील है कि जिन प्रवासी मजदूरों को उनके घर लौटने पर उन्हें गाँवों से दूर अलग-थलग रखा गया है तथा उन्हें उचित सरकारी मदद नहीं मिल रही है तो ऐसे लोगों को भी अपना मानकर उनकी भरसक मानवीय मदद करने का प्रयास करें। मजलूम ही मजलूम की सही मदद कर सकता है।”

मायावती की इस आलोचना से कांग्रेस पार्टी बुरी तरह बिफर गई। यूपी कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से लिखा गया, “कांग्रेस की मनरेगा जैसी योजनाएं इस आपदा के दौर में सबसे ज्यादा काम आ रही हैं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने न्याय योजना लागू कर किसानों के बैंक अकाउंट में सीधा पैसा डालना शुरू किया। आपने यूपी की जनता को लूट कर अपना महल खड़ा किया और इस संकट के समय उस महल को मदद के लिए खोला भी नहीं।”

यूपी कांग्रेस ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “क्या इस आपदा के दौरान मायावती जी के महल को एक दिन के लिए भी गरीबों, वंचित लोगों के लिए खोला गया। क्या उनके महल से किसी को मदद मिली? मान्यवर कांशीराम के नाम पर बनी अधिकतर कालोनियों में राशन नहीं पहुंच रहा है, लेकिन इस महल से क्या वहां मदद पहुंचाई गई?”

बता दें कि, कांग्रेस ने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रवासी श्रमिकों से पिछले दिनों हुई मुलाकात पर एक डॉक्यूमेंट्री शनिवार (23 मई) को जारी की जिसमें राहुल गांधी ने कोरोना वायरस महामारी में मुश्किल का सामना कर रहे करोड़ों परिवारों के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रत्येक को 7500 रुपये देने की पैरवी की है। राहुल गांधी की आवाज में इस डॉक्यूमेंट्री में मजदूरों की मुश्किलों को बयां किया गया है। उन्होंने करीब 16 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री में लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के दर्द को दिखाया है।

राहुल गांधी ने गत 16 मई को दिल्ली के सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास इन प्रवासी मजदूरों से मुलाकात की थी। उन्होंने फुटपाथ पर मजदूरों के साथ बैठकर बात की थी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के झांसी के रहने वाले इन मजदूरों का दुख दर्द साझा किया था और घर भेजने का इंतजाम करवाया था। ये मजदूर हरियाणा के अंबाला से पैदल चलकर अपने गांव जा रहे थे।

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