मैक्स अस्पताल ने बच्चों को नर्सरी में रखने के लिए बताया था 50 लाख का बिल, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- रद्द किया जा सकता है इसका लाइसेंस

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देश की राजधानी दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में स्थित मैक्स अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से लोग स्तब्ध हैं। इस अस्पताल के डॉक्टरो ने 30 नवंबर को जुड़वा जन्मे बच्चों में से एक को मृत घोषित कर परिवार वालों को सौंप दिया, बाद में यह बच्चा जिंदा निकला था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वहीं दूसरी ओर अब इस अस्पताल की लापरवाही के मामले में परिवार ने अस्पताल पर नए आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। जुड़वां (एक मृत, दूसरा जिंदा) बच्चों के पिता 26 वर्षीय आशीष का आरोप है कि बच्चे को अस्पताल में रखे जाने का 50 लाख रुपए का खर्च बताया गया।

जब इस पिता ने इतने पैसे चुकाने में असमर्थता जताई तो अगले ही दिन अस्पताल ने दोनों बच्चों को मरा बता दिया और उसे प्लास्टिक के बैग में पैक कर उन्हें थमा दिया।

पीड़ित पिता ने बताया कि दोनों नवजात के शव को लेकर जब अस्पताल से घर जाने लगे तो बीच रास्ते में ही एक बच्चे में हलचल महसूस की। इसके तुरंत बाद उस पैकेट को फाड़ा जिसमें बच्चा बंद था। बच्चे को जिंदा पाकर तुरंत नजदीकी अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

न्यूज़ एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, मैक्स अस्पताल की इस लापरवाही को लेकर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि यदि अस्पताल को जांच में लापरवाही का दोषी पाया गया तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

सत्येंद्र जैन ने पत्रकारों को बताया, एक बार रिपोर्ट आ जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि अस्पताल को मेडिकल लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो इसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल को आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के मरीजों का सही से इलाज नहीं करने के लिए 22 नवंबर को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया था।

जैन ने आरोप लगाया कि, आर्थिक रूप से कमजोर तबके वाले मामले में हमने जांच की थी और यह भी पाया गया कि ओपीडी में 25 फीसदी की बजाय महज 10 फीसदी मरीजों को देखा जा रहा था।

सरकार ने मैक्स अस्पताल की ओर से की गई आपराधिक लापरवाही की जांच के आदेश उस वक्त दिए थे, जब यह सामने आया था कि इसके डॉक्टरों ने जिस बच्चे को मृत घोषित कर दिया था, वह बाद में जीवित पाया गया।

गौरतलब है कि 30 नवंबर को एक महिला मैक्स अस्पताल में जुड़वा बच्चें को जन्म दिया था। डॉक्टरों ने दोनों में से एक बच्चे को मृत घोषित कर दिया और फिर दूसरे की भी हालत गंभीर बताते हुए कहा कि उसे कुछ दिन अस्पताल में रखना पड़ेगा।

बाद में डॉक्टरों ने उस बच्चे को भी मृत घोषित कर दिया और दोनों बच्चों की बॉडी को सीलबंद पैकेट में बंद करके परिजनों को दे दिया। लेकिन जब बच्चे के परिजन लेकर जा रहें थे तभी पैकेट में एक बच्चा हाथ पैर चलाने लगा।

बाद में बच्चे को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। इस मामले में बच्चे के परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। मेडिकल काउंसिल ने भी अस्पताल को नोटिस भेजकर इस मामले में उनका पक्ष पूछा है, मामले की जांच की जा रही है।

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