कोरोना वायरस: बाहरी दिल्ली में लॉकडाउन की उड़ रहीं धज्जियां; सैलून, पंक्चर से लेकर पान-सिगरेट तक की दुकानें खुलीं

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देश में तेजी से फैल रहे खतरनाक कोरोना वायरस को रोकने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन की बाहरी दिल्ली में जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बता दें कि, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार (22 मार्च) को घोषणा की थी कि कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर 23 मार्च को सुबह छह बजे से राजधानी लॉकडाउन में रहेगी।

दिल्ली
फाइल फोटो: सोशल मीडिया

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस इलाके के नांगलोई, पश्चिम विहार, विकासपुरी, मुंडका, पीरागढ़ी, जनकपुरी और तिलकनगर जैसे इलाकों में आम दिनों की तरह सब कुछ सामान्य और चहल-पहल है। इन इलाकों में सुबह से ही अजीब सी चहल-पहल है। आमतौर पर लाक डाउन में सिर्फ जरूरी चीजों की दुकानों खुली रहती हैं लेकिन इन इलाकों में कई जगहों पर सैलून, पंक्चर बनाने की दुकानें, नर्सरी, पान की दुकानें सुबह से ही खुली हुई हैं।

आमतौर पर लॉकडाउन में सिर्फ जरूरी चीजों की दुकानें खुली रहती हैं लेकिन इन इलाकों में कई जगहों पर सैलून, पंक्चर बनाने की दुकानें, नर्सरी, पान की दुकानें सुबह से ही खुली हुई हैं। इन इलाकों में सुबह से ही ई-रिक्शे और ग्रामीण सेवा चल रही है जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को अपने प्रेस कांफ्रेंस में साफ शब्दों में कहा था कि इन चीजों पर पूरी तरह रोक होगी।

ई-रिक्शे हों या फिर ग्रामीण सेवा, सवारियों से भरी हुई दिखीं। इनमें सवार लोगों में एक चौथाई ही मास्क लगाए हुए दिखे। कुछ ग्रामीण सेवा वाले तो पैसे कमाने के लिए अपना रूट बदलकर चला रहे हैं। मुख्य रूटों पर उन्हें पुलिस का डर रहता है लेकिन कॉलोनियों के अंदर के रास्तों पर इस तरह का कोई डर नहीं। सैयद गांव नांगलोई स्थित रिलायंस फ्रेश के स्टोर में तो बहुत बुरा हाल है। यहां लोगों का जमावड़ा लगा है। लोग सामान लेने के लिए धक्का मुक्की तक करते देखे गए।

आईएएनएस ने जब इस स्टोर के मैनेजर से सम्पर्क किया तो उसने कहा कि उसने तो गार्ड को यह निर्देश दे रखा है कि वह एक परिवार के एक ही व्यक्ति को अंदर आने दे और जो मास्क लगाकर नहीं आए हैं, उन्हें रोक दिया जाए लेकिन लोग मान नहीं रहे हैं। लोगों का यह आलम है कि सुबह उठकर वे स्टोर में इस इरादे से आए कि पूरे महीने का सामना खरीद लें। अपने साथ हर कोई परिवार के सदस्य को लेकर आया और इनमें से आधे से अधिक लोगों के चेहरों पर मास्क नहीं था।

निहाल विहार, विकासपुरी और जनकपुरी में भी बंद के बावजूद सड़कों पर अजीब सी चहल-पहल देखी गई। नर्सरी खुली हुई हैं और लोगों के घरो में बागवानी करने वाले माली पौधों की खरीदारी करते देखे गए। निहाल विहार के अंदर के इलाकों में तो कुछ सैलून भी खुले दिखे। दिल्ली में धारा 144 लगा हुआ है लेकिन इसके बावजूद इन इलाकों में कई स्थानों पर समूह में लोग देखे गए। इससे इस महामारी के और अधिक फैलने का खतरा है। लोगों के अंदर या तो जागरूकता की कमी है या फिर वे जानबूझकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। तिलकनगर और निहाल विहार जैसे इलाकों में तो सरकार के आदेश के बावजूद कई गुरुद्वारे खुले दिखे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं लिए जाने पर चिंता जाहिर करते हुए सभी राज्य सरकारों से नियमों और कानूनों को सुनिश्चित कराने का सोमवार को अनुरोध किया। लॉकडाउन की स्थिति पर प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें. राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वो नियमों और कानूनों का पालन करवाएं।

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