हत्या के दोषियों को माला पहनाने पर चौतरफा आलोचनाओं से घिरे केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने जताया खेद

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केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने एक व्यक्ति को पीट पीटकर मार डालने के जुर्म में निचली अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए मुजरिमों का स्वागत फूल माला पहनाकर करने पर चौतरफा आलोचनाओं से घिरे केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने आखिरकार अब इस मामले पर खेद जताया है। जयंत ने बुधवार (11 जुलाई) को कहा कि अगर मेरे काम से गलत संदेश गया है तो मैं खेद जताता हूं।

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, जयंत सिन्हा ने कहा, मैं पहले भी कई बार कह चुका हूं कि मामला (हत्या का) अदालत के विचाराधीन है। इस पर बात करना सही नहीं होगा। कानून अपना काम करेगा। हमने हमेशा दोषियों को सजा दिलाने और निर्दोषों को बचाने का काम किया है। अगर उन्हें (हत्या के दोषियों को) माला पहनाने से ऐसा संदेश गया है कि मैं कानून को अपने हाथ में लेकर कार्रवाई करने वालों का समर्थन करता हूं तो इसका मुझे खेद है।

हार्वर्ड के पूर्व छात्र जयंत ने झारखंड के अपने निर्वाचन क्षेत्र हजारीबाग स्थित अपने आवास पर इन आठ दोषियों का स्वागत फूल माला पहनाकर किया था। ऊपरी अदालत ने इन सभी को जमानत पर छोड़ा है। स्वागत की यह तस्वीर बड़े पैमाने पर आनलाइन साझा की गई और विपक्ष तथा जयंत सिन्हा के पिता व पूर्व बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने उनकी निंदा की।

कांग्रेस ने जयंत के इस्तीफे की मांग की थी और कहा था कि इससे साफ हो गया है कि बीजेपी ऐसे अपराधों के आरोपियों और दोषियों का परोक्ष समर्थन करती है। एक फास्ट ट्रैक अदालत ने इन सभी आठों को मांस व्यापारी अलीमुद्दीन अंसारी की 29 जून को की गई हत्या में दोषी ठहराया था। अंसारी की हत्या भीड़ ने गोमांस ले जाने के शक में पीट पीटकर कर दी थी।

उधर, हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अलम्नाइ जयंत के खिलाफ हार्वर्ड विश्वविद्यालय से 2018 में स्नातक पास प्रतीक कंवल ने एक अभियान शुरू किया है। कंवल ने कहा कि बीजेपी सांसद के कृत्य ने ‘पूरे देश को स्तब्ध कर दिया और हमारे महान संस्थान को बदनाम किया।’

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कंवल ने कहा कि वह भारत के संबंधित नागरिकों की तरफ से पत्र लिखने को मजबूर हुए हैं, जिसका उद्देश्य उस ‘बदनामी’ की ओर ध्यान दिलाना है, जिसे सिन्हा (हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, 1992) ने भारत में कराई है और अपने ‘अनर्गल कृत्य से विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।’

अभियान में कहा गया है कि सिन्हा के ‘मूर्खतापूर्ण और असंवेदनशील कृत्य’ से भारत में जबर्दस्त गुस्सा उत्पन्न हुआ है और इस घटना की मीडिया में चौतरफा रिपोर्टिंग हुई। उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से सभी मीडिया रिपोर्ट में यह तथ्य बताया गया है कि वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं।’

कंवल ने कहा, ‘इस परिस्थिति में, आप उनके कृत्य की निंदा करते हुए बयान जारी कर सकते हैं। हम आपसे उनके अनुचित व्यवहार के लिए उनके अलम्नाइ स्टेटस को वापस लेने की भी मांग करते हैं, जिसकी वजह से पूरे संस्थान का नाम बदनाम हुआ है।’

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री से हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र का दर्जा वापस लेने की मांग वाली इस ऑनलाइन याचिका का लोगों से समर्थन करने की अपील की है। राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘अगर उच्च शिक्षित सांसद और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा एक निर्दोष व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डालने की घटना में दोषी ठहराए गए अपराधियों को माला पहनाने की घटना आपको घृणा से भर देती है तो इस लिंक पर क्लिक करें और याचिका का समर्थन करें।’

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