मॉब लिंचिंग के आरोपियों को माला पहनाकर बुरे फंसे जयंत सिन्हा, हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र का दर्जा वापस लेने के अभियान का राहुल गांधी ने किया समर्थन

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झारखंड में कथित तौर पर एक मुस्लिस शख्स की पीट-पीटकर हत्या के आरोपियों को माला पहनाकर स्वागत करने को लेकर केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा घिरते नजर आ रहे हैं। अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जयंत सिन्हा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री से हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र का दर्जा वापस लेने की मांग वाली एक ऑनलाइन याचिका का लोगों से समर्थन करने की अपील की है।

राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘अगर उच्च शिक्षित सांसद और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा एक निर्दोष व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डालने की घटना में दोषी ठहराए गए अपराधियों को माला पहनाने की घटना आपको घृणा से भर देती है तो इस लिंक पर क्लिक करें और याचिका का समर्थन करें।’

राहुल ने इस संबंध में चेंज डॉट ऑर्ग का एक लिंक भी शेयर किया है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय से 2018 में स्नातक पास प्रतीक कंवल ने यह अभियान शुरू किया है। कंवल ने कहा कि बीजेपी सांसद के कृत्य ने ‘पूरे देश को स्तब्ध कर दिया और हमारे महान संस्थान को बदनाम किया।’

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कंवल ने कहा कि वह भारत के संबंधित नागरिकों की तरफ से पत्र लिखने को मजबूर हुए हैं, जिसका उद्देश्य उस ‘बदनामी’ की ओर ध्यान दिलाना है, जिसे सिन्हा (हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, 1992) ने भारत में कराई है और अपने ‘अनर्गल कृत्य से विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।’

अभियान में कहा गया है कि सिन्हा के ‘मूर्खतापूर्ण और असंवेदनशील कृत्य’ से भारत में जबर्दस्त गुस्सा उत्पन्न हुआ है और इस घटना की मीडिया में चौतरफा रिपोर्टिंग हुई। उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से सभी मीडिया रिपोर्ट में यह तथ्य बताया गया है कि वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं।’

कंवल ने कहा, ‘इस परिस्थिति में, आप उनके कृत्य की निंदा करते हुए बयान जारी कर सकते हैं। हम आपसे उनके अनुचित व्यवहार के लिए उनके अलम्नाइ स्टेटस को वापस लेने की भी मांग करते हैं, जिसकी वजह से पूरे संस्थान का नाम बदनाम हुआ है।’

बता दें कि झारखंड के रामगढ़ में पिछले साल 29 जून को कथित तौर पर गोमांस का कारोबार करने के आरोप में मांस कारोबारी अलीमुद्दीन अंसारी नाम के एक मुस्लिम शख्स की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में एक साल बाद इसी साल मार्च महीने में रामगढ़ के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बीजेपी नेता सहित सभी 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन 30 जून को इनमें से 8 दोषियों की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाकर झारखंड हाईकोर्ट ने रिहा कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाई कोर्ट द्वारा दोषियों की उम्रकैद की सजा निलंबित कर उन्हें जमानत पर रिहा किए जाने के बाद एक स्थानीय बीजेपी नेता उन्हें लेकर नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा के आवास पर पहुंचे थे, जहां कथित तौर पर उनका स्वागत किया गया था। दरअसल जमानत के बाद आरोपी जयंत सिन्हा के हजारीबाग स्थित आवास पहुंचे थे। यहां जयंत ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया और मिठाई भी खिलाई। इसकी तस्वीर सामने आने के बाद जयंत सिन्हा की हर ओर आलोचना होने लगी।

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