मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस: आरोपियों की रिहाई के बाद जावेद अख्तर ने NIA पर की तल्ख टिप्पणी, नाराज BJP ने दिया ये जवाब

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हैदराबाद की मक्का मस्जिद धमाके के मामले में असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों के बरी होने पर मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पर तल्ख टिप्पणी करते हुए निशाना साधा है। अख्तर ने एनआईए पर तंज कसते हुए कहा कि उसने काम पूरा कर लिया है और उसे इसकी बधाई। अब उसके पास अंतरधार्मिक शादियों की जांच के लिए पर्याप्त समय होगा।

जावेद अख्तर
(File Photo by Mohd Zakir/Hindustan Times via Getty Images)

हालांकि, जावेद अख्त के इस टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से पलटवार किया गया है। बीजेपी नेता और प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने जावेद अख्तर पर पलटवार करते हुए कहा कि काश आपके अंदर कांग्रेस के ‘हिंदू आतंकवाद’ की भी आलोचना करने की ईमानदारी होती। बता दें कि अदालत ने मक्का मस्जिद ब्लास्ट में आरोपी असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

इसी संदर्भ में जावेद अख्तर की यह टिप्पणी सामने आई है। जावेद अख्तर ने बुधवार (18 अप्रैल) को NIA पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट कर लिखा, “मिशन पूरा हुआ! मक्का मस्जिद केस में भव्य सफलता के लिए एनआईए को मेरी बधाई। अब उनके पास अंतरधार्मिक शादियों की जांच करने का समय होगा।”

दरअसल, जावेद अख्तर का इशारा केरल के चर्चित हादिया केस की तरफ था। बता दें कि इस मामले की जांच भी एनआईए ही कर रही है। जहां एक हिंदू महिला की मुस्लिम पुरूष से की गई शादी की जांच एनआईए संभावित आतंकी एंगल से कर रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 8 मार्च को बड़ा फैसला सुनाते हुए हादिया उर्फ अखिला अशोकन के निकाह को फिर से बहाल कर दिया था।

हालांकि जावेद अख्तर के इस ट्वीट के सामने आते ही बीजेपी जावेद अख्तर पर हमलावर हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा ने कहा है कि जावेद अख्तर काश ऐसी ही ईमानदारी कांग्रेस के ‘हिंदू टेरर’ की आलोचना में दिखाते।जीवीएल ने अपने ट्वीट में तंज कसते हुए लिखा है कि ऐसा लगता है कि फिल्मों में आपने जैसी काल्पनिक स्क्रिप्ट लिखी उसी से राहुल गांधी प्रेरणा ले रहे हैं। या कथित तौर पर आपके ही आइडिया ‘मौत का सौदागर’ की तरह ही हिंदू टेरर भी आपके ही दिमाग की उपज है।

बीजेपी नेता ने ट्वीट में कहा, “जावेद जी, काश आपने इतनी ईमानदारी होती कि आप ‘हिंदू आतंक’ शब्दावली के लिए कांग्रेस की निंदा कर पाते। लगता है कि आप राहुल गांधी के डर से एक काल्पनिक पटकथा लिख रहे हैं, जैसा कि आपने बहुत सी फिल्मों के लिए बखूबी लिखते रहे हैं। या फिर ‘हिंदू आतंक’ भी आपके दिमागी की उपज है जैसा कि कथित तौर पर ‘मौत का सौदागर’ आपका आइडिया था।”

सभी आरोपी बरी

बता दें कि सोमवार (16 अप्रैल) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने 2007 मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में स्‍वामी असीमानंद सहित पांच आरोपियों को बरी कर दिया था। करीब 11 साल पहले हुए इस विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी और 58 अन्य लोग घायल हुए थे। मामले में 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

बहरहाल, उनमें से केवल पांच लोगों देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, स्वामी असीमानंद उर्फ नब कुमार सरकार, भरत मोहनलाल रतेश्वर उर्फ भारत भाई और राजेंद्र चौधरी को गिरफ्तार कर उनपर मुकदमा चलाया गया। मामले के दो अन्य आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसांगरा फरार हैं और एक अन्य आरोपी सुनील जोशी की मौत हो चुकी है। अन्य दो आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है।

सुनवाई के दौरान 226 चश्मदीदों से पूछताछ की गई और करीब 411 दस्तावेज पेश किए गए। स्वामी असीमानंद और भारत मोहनलाल रातेश्वर जमानत पर हैं जबकि तीन अन्य इस समय न्यायिक हिरासत में केेंद्रीय जेल में हैं। राजस्थान की एक अदालत ने अजमेर दरगाह विस्फोट मामले में मार्च 2017 में गुप्ता और अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

 

 

 

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