जम्मू-कश्मीर: आतंकियों के साथ पकड़े गए DSP देवेंद्र सिंह निलंबित, ऑफिस भी हुआ सील, छीने जा सकते हैं वीरता मेडल

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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी देवेंद्र सिंह को सोमवार को निलंबित कर दिया गया है। बर्खास्त डीएसपी देवेंद्र सिंह पर आरोप है कि उसने श्रीनगर के बादामी बाग छावनी इलाके में सेना की 16वीं कोर के मुख्यालय के पास अपने आवास पर आतंकियों को पनाह दी और उनके जम्मू जाने का इंतजाम भी किया।

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करीब चार महीने पहले ही देविंदर सिंह को राष्ट्रपति के पुलिस पदक से अलंकृत किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और खुफिया अधिकारियों की एक टीम ने सिंह से पूछताछ जारी रखी। श्रीनगर हवाईअड्डा पर स्थित उनके कार्यालय को सील कर दिया गया है। सिंह को विमान अपहरण विरोधी दस्ते में पुलिस उपाधीक्षक पद पर नियुक्त किया गया था। घटनाओं की कड़ियों को जोड़ते हुए अधिकारियों ने कहा कि इरफान नामक एक वकील प्रतिबंधित हिजबुल मुजाहिदीन के स्वयंभू जिला कमांडर नावीद बाबा और अल्ताफ को शुक्रवार को अधिकारी के घर ले कर गया था। पुलिस के अनुसार इरफान आतंकी समूहों के लिए काम करता था। उन्होंने बताया कि सिंह शनिवार को ड्यूटी से अनुपस्थित थे।

पुलिसकर्मियों की एक टीम ने उसी दिन उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग पर मीर बाजार में अन्य तीन के साथ गिरफ्तार किया था। सिंह ने रविवार से गुरुवार तक छुट्टी के लिए आवेदन किया था। पुलिस ने उनके आवास की तलाशी ली थी और भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ दो पिस्तौल और एक एके राइफल जब्त की थी। अधिकारियों ने बताया कि सिंह के नाम को पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत करने के लिए मंजूरी दे दी गई थी और अब उनके वीरता पदक खोने के भी आसार हैं जो उन्हें पिछले साल प्रदान किया गया था।

अधिकारियों ने कहा कि रविवार शाम श्रीनगर हवाई अड्डे पर उनके कार्यालय को सील कर दिया गया ताकि किसी भी सबूत के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सके। सिंह को राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक नाके पर पुलिसकर्मियों की एक टीम ने गिरफ्तार किया था। टीम खुफिया सूचनाओं के बाद सतर्क थी कि नावीद बाबा को घाटी से बाहर ले जाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि गड़बड़ी कर फंस जाने के बाद सिंह के सभी बहाने उन पुलिस अधिकारियों को समझाने में विफल रहे जिन्होंने उनकी गिरफ्तारी की और श्रीनगर में उनके आवास की तलाशी ली।

अधिकारियों ने बताया कि गड़बड़ी कर फंस जाने के बाद सिंह के सभी बहाने उन पुलिस अधिकारियों को समझाने में विफल रहे जिन्होंने उनकी गिरफ्तारी की और श्रीनगर में उनके आवास की तलाशी ली। शुरूआत में उन्होंने लगातार दावा किया कि वह बड़े आतंकवादी को पकड़ने के लिए आतंकवादियों का विश्वास जीतने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन उचित प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने के कारण वह अपनी बात प्रमाणित नहीं कर सके।

2013 में दविंदर सिंह तब चर्चा में आया था जब संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु द्वारा लिखी गई एक चिट्ठी, जिसमें दावा किया गया था अधिकारी ने उसे संसद हमले के एक आरोपी को साथ दिल्‍ली ले जाने और उसके रहने की व्‍यवस्‍था करने को कहा था। (इंपुट: भाषा के साथ)

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