J&K: कठुआ के मंदिर में 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार व हत्या की पूरी कहानी, पुलिसकर्मी बोला- मारने से पहले मुझे भी रेप करने दो, गैंगरेप कराने मेरठ से बुलाया साथी

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जम्मू-कश्मीर में आठ साल की एक मासूम नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार एवं हत्या मामले की जांच कर रही राज्य पुलिस की अपराध शाखा ने सोमवार (9 अप्रैल) को कठुआ की एक अदालत में आठ में से सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) दायर कर दिया। इस दौरान कठुआ के मुख्‍य जूडिशियल मजिस्‍ट्रेट की अदालत के बाहर वकीलों ने जमकर हंगामा किया। उन्‍होंने क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को बच्ची के साथ रेप और हत्या मामले में चार्जशीट दायर करने से रोकने की कोशिश की।आठ साल की लड़की के बलात्कार और हत्या मामले में आठ में से सात आरोपियों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कठुआ की अदालत में आरोपपत्र दायर किया गया। आरोपियों को लेकर आए अपराध शाखा के सदस्यों को कठुआ बार एसोसिशन के सदस्यों की तरफ से विरोध का सामना करना पड़ा। वकीलों ने आरोपपत्र दायर किए जाने के वक्त ‘अपराध शाखा वापस जाओ’ जैसे नारे लगाए। वकीलों ने क्राइम बांच के अधिकारियों को अदालत में दाखिल होने से रोक दिया।

हालांकि वकीलों के भारी विरोध के बावजूद अधिकारियों ने इस मामले में आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर दिया। आरोप है कि 8 साल की लड़की को बंधक बनाकर एक मंदिर में रखा गया और उसे ड्रग देकर कई दिनों तक दरिंदों ने उस मासूम के साथ गैंगरेप किया। मेडिकल रिपोर्ट में पता चला कि लड़की के साथ गई बार कई दिनों तक गैंगरेप हुआ है और पत्थरों से मारकर उसकी हत्या की गई।

आठ आरोपी गिरफ्तार

मासूम बच्ची से बलात्कार मामले में कुल आठ लोगों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक नाबालिग है।चार्जशीट में गैंगरेप और हत्या का मास्टरमाइंड रिटायर्ड राजस्व अधिकारी संजी राम (60) को बताया गया है। साथ ही उसके बेटे विशाल और नाबालिक भतीजे को भी गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों में जम्मू-कश्मीर के क्राइम ब्रांच ने विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) दीपक खजुरिया, पुलिस अधिकारी सुरिंदर कुमार, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज को सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

इसके अलावा परवेश कुमार नाम के एक स्थानीय ग्रामीण को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक गैंगरेप और हत्या का मुख्य साजिशकर्ता रिटायर्ड राजस्व अफसर सांजी राम ही है। उसी ने अपने बेटे विशाल और नाबालिग भतीजे के साथ इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। वहीं स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजूरिया, सुरिंदर कुमार, परवेश कुमार, सहायक पुलिस इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल तिलक राज ने पूरे वारदात में भूमिका निभाई, सुबूत नष्ट करने की कोशिश की। वहीं स्पेशल पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया पर लड़की से रेप का भी आरोप चार्जशीट में लगाया गया है।

जानिए, क्या है पूरा मामला?

चार्जशीट के मुताबिक नाबालिग बच्ची 10 जनवरी 2018 से ही गुम थीं। वो कठुआ जिले में स्थित अपने आदिवासी गांव रसना के पास ही जंगल में अपने परिवार के खच्चरों को चराने गई थीं और फिर कभी घर नहीं लौटीं। नाबालिग का शव 17 जनवरी को कठुआ के रसाना जंगलों से बरामद हुआ था। जिसपर चोट के निशान थे। इसके बाद से ही इलाके में राजनीतिक उथल पुथल मची हुई है। इस घटना का पूरे राज्य में व्यापक विरोध हुआ था, जो अभी भी जारी है।

जनता के आक्रोश के बाद मामले की जांच स्थानीय पुलिस से लेकर अपराध शाखा को सौंपी गई थी। रिटायर्ड राजस्व अधिकारी संजी राम ने 20 मार्च को क्राइम ब्रांच के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। इससे ठीक एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ से उनके बेटे विशाल कुमार को गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के बाद पूरे राज्य में मचे हंगामे के बीच दोनों बाप-बेटे लगातार गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में लगे थे।

चार्जशीट के मुताबिक, बच्ची के पिता मोहम्मद यूसुफ ने 12 जनवरी को हीरानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उसने कहा था कि उनकी बच्ची 10 जनवरी को जानवरों के लिए घास लाने नजदीक के जंगल गई थी, जहां से वापस नहीं लौटी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद साजिशकर्ता पूर्व राजस्व अधिकारी संजी राम के नाबालिग भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। 22 जनवरी को यह मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया था।

संजी राम ही था मुख्य साजिशकर्ता

जनसत्ता में छपी रिपोर्ट के अनुसार चार्जशीट में बताया गया है कि बलात्कार और हत्या की साजिश रचने में राम का ही हाथ था। उसने बच्ची के किडनैप, दुष्कर्म और हत्या की योजना बनाई। उसने विशेष पुलिस अधिकारी खजूरिया और एक नाबालिग को अपनी साजिश में शामिल किया। दीपक अपने दोस्त विक्रम के साथ सात जनवरी की शाम बिटू मेडिकल स्टोर गया और इपिट्रिल दवा के 10 टैबलेट खरीदे, जिसका नाम उसके चाचा ने सुझाया था।

चार्जशीट के मुताबिक, इसी शाम राम ने भतीजे को लड़की का अपहरण करने को कहा। लड़की अक्सर जंगल में आती थी। 10 जनवरी को जब लड़की अपने जानवरों को खोज रही थी, उसी दौरान संजी राम के भतीजे ने जानवरों के जंगल में होने की बात कही और अपने साथ थोड़ी दूर ले गया। फिर उसने लड़की की गर्दन पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। पिटाई से बच्ची बेहोश हो गई तो नाबालिग ने उसका रेप किया। इसके बाद उसके साथी मन्नू ने भी रेप किया। फिर वे लड़की को मंदिर परिसर में ले गए, जहां उसे प्रार्थनाकक्ष में बंधक बनाकर रखा।

गैंगरेप कराने मेरठ से बुलाया साथी

चार्जशीट के मुताबिक, अगले दिन यानी 11 जनवरी को नाबालिग आरोपी ने मेरठ में अपने चचेरे भाई विशाल को फोन किया। और कहा कि अगर वह भी हवस बुझाना चाहता है तो मेरठ से जल्दी आ जाओ। 12 जनवरी को विशाल रसना पहुंचा। सुबह करीब साढ़े आठ बजे आरोपी मंदिर गए और वहां भूखे पेट बंधक बनी लड़की को नशे की तीन गोली दी, जिसके बाद बच्ची बेहोश हो गई। बेहोशी के बाद एक बार फिर से उस नाबालिग, मन्नू और विशाल ने उसके साथ गैंगरेप किया। ये सिलसिला 15 जनवरी तक चलता रहा।

15 जनवरी को मुख्य साजिशकर्ता संजी राम भी मंदिर पहुंचा। उसने कहा कि अब बच्ची की हत्या कर उसे ठिकाने लगाना होगा। ये कहकर संजी राम पीछे के रास्ते से निकल गया। लेकिन बलात्कार और हत्या की जांच में शामिल विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया वहां मौजूद था। उसने कहा कि थोड़ा इंतजार करो, मुझे भी रेप करना है। इसके बाद दीपक खजूरिया ने भी उस नाबालिग से रेप किया। इसके बाद मारने से पहले और भी आरोपियों ने नाबालिग के साथ गैंगरेप किया।

पत्थर से मारकर मासूम की हत्या

आरोप है कि सभी दरिंदों ने फिर बच्ची की गला घोंटकर और सिर पर पत्थर से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी और 15 जनवरी को बच्ची के शव को जंगल में फेंक दिया। इतना ही नहीं केस को रफा-दफा करने के लिए आरोपियों ने पुलिस की जांच टीम को डेढ़ लाख रुपये की घूस दी थी। इसका खुलासा जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच के दौरान करते हुए चार्जशीट में जिक्र किया है। कठुआ में आरोपियों के समर्थन में हिंदूवादी संगठनों ने तिरंगा लेकर यात्रा निकाली थी। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रेप आरोपी के पक्ष में एकजुटता दिखाने पर नाराजगी भी जताई थी।

 

 

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