शर्मसार उत्तर प्रदेश: गोरखपुर में 36 नवजात बच्चों की मौत से मचा हड़कम्प, बदहाल व्यवस्था से पल्ला झाड़ रही सरकार

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मुख्यमंत्री योगी के निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर की बदहाल व्यवस्था को दर्शाने वाली घटना सामने आई है। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में 48 घंटे के दौरान 36 मासूमों की मौत ने सबको झकझोर दिया है। लेकिन सरकार और प्रशासन अपनी किसी भी कमी और लापरवाही की बात से पल्ला झाड़ रही है।

गोरखपुर

तीन दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां का दौरा किया था। लेकिन मीडिया जब आज वहां पहुंचा तो देखा कि अस्पताल के डाक्टरों ने नवजात को ज़मीन पर बाहर लेटा रखा था जबकि परिवार वाले उनसे गुहार लगा रहे थे कि बच्चें को ICU में रख लिजिए। मीडिया में दिखाई गई इस रिपोर्ट ने अस्पताल प्रशासन की पोल खोल दी है।

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48 घंटों के बीच हुई इन मौतों की आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है लेकिन कहा जा रहा है कि इसके पीछे ऑक्सीजन की कमी एक मुख्य कारण है। इस पूरे मामले में सरकार और प्रशासन ने बचाव का पक्ष अपनाया हुआ है। गोरखपुर के जिलाधिकारी बच्चों की मौत की सही वजह बताने के लिए जांच की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे है जबकि यूपी के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन भी ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से मौत से इनकार कर रहे हैं।

अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था केवल गोरखपुर में ही नहीं बल्कि समूचा उत्तर प्रदेश इस दुर्दशा का शिकार है। इसके विपरित अधिकाशंत टीवी चैनल्स पर मुख्यमंत्री योगी का चमकदार चेहरा और यूपी में विकास की गंगा बहने का विज्ञापन दिखाने में मशगूल है।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोप लग रहा है कि 69 लाख रुपये बकाए के नाम पर मेडिकल कॉलेज को ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने अचानक सप्लाई रोक दी। ऐसे में जम्बो सिलेंडरों और अम्बू बैग से मरीजों को बचाने की कोशिश की जाती रही लेकिन शुक्रवार की शाम होते-होते 36 मासूम इस लापरवाही के शिकार हो गए। अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई पुष्पा सेल्स नामक कंपनी करती है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बबर आज गोरखपुर में बीआरडी कॉलेज का दौरा करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस हादसे पर दुख जताया है। सोनिया गांधी ने कहा है, ”इस भयावह त्रासदी से बड़ा दुख हुआ है और उन्हें उन बच्चों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना है।

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प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि बच्चों की मौत अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार इस बात का पता लगाने के लिए जांच समिति का गठन करेगी कि कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई है। सिंह ने भी कहा कि ऑक्सीजन की कमी से मौतें नहीं हुई हैं।

 

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